लखनऊ। खुन-खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज, चौक, लखनऊ में छात्रा जागरूकता एवं सम्मान समारोह का आयोजन अत्यंत भव्य, प्रेरणादायक एवं उद्देश्यपूर्ण वातावरण में महिला विकास एवं जनकल्याण समिति, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में छात्राओं, शिक्षिकाओं एवं गणमान्य अतिथियों की सक्रिय भागीदारी ने इसे एक सार्थक एवं प्रभावी मंच बनाया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया, जो ज्ञान, संस्कार एवं सशक्तिकरण के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। तत्पश्चात अतिथियों का स्मृतिचिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. बबिता सिंह चौहान (चेयरपर्सन, राज्य महिला आयोग, उ. प्र.) की गरिमामई उपस्थित रहीं। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अंशु केडिया ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की एवं छात्राओं को प्रेरित किया।
अतिथि वक्ताओं में डॉ. आकांक्षा उपाध्याय (मनोचिकित्सक) ने छात्राओं को संबोधित करते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला तथा मिथकों का खंडन करते हुए व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। इसके उपरांत फिरोज़ खान नदवी (साहित्यकार एवं लेखक) ने प्रेरणादायक उद्बोधन दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. बबिता सिंह चौहान ने अपने ओजस्वी संबोधन में महिला शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक सशक्तिकरण पर बल दियाl उन्होंने छात्राओं को कुशलता बढ़ाने एवम मोबाइल पर कम समय देने के लिए प्रेरित किया l
इस अवसर पर उन्होंने महाविद्यालय की बी. ए., बी. एड., बी. कॉम एवं एम. ए. की मेधावी छात्राओं व कबड्डी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया।
महिला विकास एवं जनकल्याण समिति द्वारा डॉ बबिता सिंह चौहान को महिला विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए “रानी लक्ष्मीबाई सम्मान” से सम्मानित किया गया।संस्था की तरफ से सुनीता त्रिपाठी, वर्षा उपाध्याय एवम अन्य पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे l
कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय की शिक्षिकाओं—प्रो. पूनम रानी भटनागर, प्रो. रेशमा परवीन, प्रो. ज्योत्सना पांडे, डॉ सुमन लता सिंह, डॉ. पारुल सिंह, डॉ. सत्यम तिवारी, डॉ प्रियंका, श्रीमती विजेता दीक्षित, डॉ अंजू यादव, डॉ. शालिनी शुक्ला, डॉ. अंकिता दीक्षित एवं डॉ. साइमा—तथा समस्त कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में महिला शिक्षा एवं सशक्तिकरण के संदेश को समाज में व्यापक रूप से प्रसारित करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ
