Yogi Adityanath ने बलरामपुर दौरे के दौरान ₹294 करोड़ की लागत से तैयार 75 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, विकास और माफिया तत्वों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अपराधियों, माफियाओं और अराजक तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है तथा सरकार आम जनता की सुरक्षा और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी ने किसी बेटी को छेड़ने का दुस्साहस किया या व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश की, तो सरकार उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा, “हम किसी को अनावश्यक नहीं छेड़ते, लेकिन यदि कोई कानून तोड़ने या जनता को परेशान करने का प्रयास करेगा, तो उसे छोड़ा भी नहीं जाएगा। यही हमारी सरकार की घोषित नीति है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने माफिया तत्वों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता को ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि माफियाओं को चुनकर सत्ता तक पहुंचाया जाएगा, तो वे जनता का शोषण करेंगे, विकास का पैसा लूटेंगे और लोगों की जमीन-जायदाद पर भी कब्जा करने का काम करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब माफिया तत्व छिपकर काम करते थे, लेकिन धीरे-धीरे उनका दुस्साहस इतना बढ़ गया कि वे पूरे प्रदेश की व्यवस्था को प्रभावित करने लगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान चलाकर कानून का राज स्थापित किया है और आज प्रदेश में विकास, निवेश तथा सुरक्षा का बेहतर वातावरण बना है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास और सुशासन साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का उद्देश्य हर जिले तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
इसी क्रम में बलरामपुर जनपद में विभिन्न सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास की गति को और तेज करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा जनता के विश्वास और सहयोग से उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
प्रदेशभर में विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा रहा है।
