बहराइच। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में विकास का लाभ समान रूप से नहीं पहुंचता था और कई योजनाएं कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित रह जाती थीं। लेकिन पिछले नौ वर्षों में सरकार ने विकास को प्रदेश के हर जिले और हर वर्ग तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना और सुरक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब गलत नीतियों वाली सरकारें सत्ता में थीं, तब विकास किसी एक गांव या विशेष क्षेत्र तक सीमित होकर रह जाता था। सरकारी संसाधनों का उपयोग पूरे प्रदेश के विकास के बजाय कुछ स्थानों तक केंद्रित था। लेकिन वर्तमान सरकार ने क्षेत्रवाद और परिवारवाद की राजनीति से ऊपर उठकर विकास को प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि जब मेडिकल कॉलेजों के निर्माण का निर्णय लिया गया तो सरकार ने किसी एक क्षेत्र को प्राथमिकता नहीं दी। बल्कि गोंडा, बहराइच, अयोध्या, बस्ती, सिद्धार्थनगर समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का कार्य शुरू कराया गया। इसका उद्देश्य प्रदेश के लोगों को अपने ही जिले या आसपास बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का ऐसा कोई जिला नहीं है जहां मेडिकल कॉलेज के निर्माण, संचालन या स्वीकृति की दिशा में कार्य न हो रहा हो। मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है। इससे न केवल मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है, बल्कि युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। पहले जहां मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, वहीं अब जिला स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ नए अस्पतालों, ट्रॉमा सेंटरों और स्वास्थ्य केंद्रों का भी विस्तार किया गया है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य और बलिदान का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव भारतीय इतिहास के ऐसे महानायक हैं जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर राष्ट्र की अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा की। उनका जीवन साहस, राष्ट्रभक्ति और पराक्रम का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं के साथ कैसा व्यवहार होना चाहिए और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए किस प्रकार दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा होना चाहिए, इसकी प्रेरणा महाराजा सुहेलदेव ने लगभग एक हजार वर्ष पहले पूरे समाज को दी थी। उन्होंने अपने अदम्य साहस से आक्रांताओं को पराजित कर यह संदेश दिया कि भारत अपनी संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा करना जानता है।
उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव केवल एक क्षेत्र या समाज के नायक नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनका जीवन युवाओं को देशभक्ति, त्याग और संघर्ष की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी उनके आदर्शों को जाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ उन महापुरुषों के जीवन और विचारों को भी सम्मान दिया जा रहा है जिन्होंने राष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
