लखनऊ। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ग्रीन मोबिलिटी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार आने वाले समय में हर शहर और गांव को पेट्रोल-डीजल मुक्त इलेक्ट्रिक परिवहन सेवाओं से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर, आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में संचालित होने वाली 45 इलेक्ट्रिक बसों और 3 हाइड्रोजन बसों को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी शुभारंभ किया गया।

सीएम योगी ने कहा कि 15 जून से शुरू होने जा रहे Noida International Airport तक यात्रियों को सुगम और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की गई है। उन्होंने बताया कि 15 जून तक तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो जाएगा, जबकि मांग बढ़ने पर इनकी संख्या 500 तक की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यीडा क्षेत्र आज आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, स्टार्टअप और सेमीकंडक्टर उद्योगों के बड़े केंद्र बन चुके हैं। ऐसे में आधुनिक और हरित परिवहन व्यवस्था समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मेट्रो के साथ-साथ इलेक्ट्रिक बसें लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी।

अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव हुआ है। प्रदेश आज एक्सप्रेसवे, बेहतर सड़क नेटवर्क और एयर कनेक्टिविटी के लिए जाना जाता है। उन्होंने गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नए उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश अब लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, कुशीनगर और नोएडा सहित पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला राज्य बन गया है। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भविष्य में यात्रियों के साथ-साथ कार्गो और एमआरओ हब के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के 17 नगर निगमों में 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जा रही हैं। वहीं यीडा क्षेत्र में तीन हाइड्रोजन बसों का संचालन भी शुरू किया जा रहा है, जिन्हें NTPC ने उपलब्ध कराया है। इन बसों के लिए सीवर के पानी से ग्रीन हाइड्रोजन तैयार की जाएगी, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसके लिए विश्व बैंक के सहयोग से 2741 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (यूपी कैंप) संचालित किया जा रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं के विस्तार में बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता देने की भी योजना है।
कार्यक्रम में वित्त मंत्री Suresh Khanna, औद्योगिक विकास मंत्री Nand Gopal Gupta Nandi, परिवहन मंत्री Dayashankar Singh और राज्यमंत्री Jaswant Singh Saini समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
