मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं।
अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उसकी समस्या का त्वरित और संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण और नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाना सरकार का संकल्प है।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने बैठे लोगों के बीच पहुंचे और एक-एक कर उनकी शिकायतें सुनीं। उन्होंने प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की मदद के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम योगी ने जमीन पर अवैध कब्जे और कमजोर लोगों को उजाड़ने के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों को बख्शा नहीं जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। पारिवारिक संपत्ति विवादों को आपसी संवाद के जरिए सुलझाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में पारदर्शिता व निष्पक्षता बरतने पर जोर दिया।
जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उपचार के लिए सरकार हरसंभव मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को इलाज के खर्च का एस्टीमेट जल्द तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, जिन जरूरतमंदों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, उनके कार्ड बनवाने की व्यवस्था करने को कहा, ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
गोसेवा की, बच्चों को दिया आशीर्वाद
जनता दर्शन से पहले मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। उन्होंने गोवंश को अपने हाथों से रोटी और गुड़ खिलाया। मंदिर परिसर में परिजनों के साथ आए बच्चों से भी आत्मीयता से मुलाकात की। बच्चों को चॉकलेट देकर मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया और आशीर्वाद दिया। इस दौरान उन्होंने एक बच्चे का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया
