मथुरा। देशभर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंचे और श्रीकृष्ण जन्मभूमि में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने ब्रजवासियों और श्रद्धालुओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रजभूमि के विकास और इसे भव्य स्वरूप देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
सीएम योगी ने कहा कि भारत पर समय-समय पर कई आक्रमण हुए और सनातन की आस्था को खत्म करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई भी इसे मिटा नहीं पाया। उन्होंने कहा, “जिन्होंने सनातन की आस्था को मिटाने का दुस्साहस किया, वे खुद मिट्टी में मिल गए।”
500 साल पहले आस्था खत्म करने की कोशिश का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 500 साल पहले, 1528 में विदेशी आक्रांता ने भारतीय आस्था को खत्म करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि जिन आक्रांताओं को कभी लगता था कि वे अजेय हैं, आज उनका कोई नाम लेने वाला नहीं है। सीएम योगी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भव्य मंदिर बन चुका है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और ब्रज क्षेत्र के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए विकास कार्य लगातार किए जा रहे हैं। ब्रज तीर्थ विकास परिषद मथुरा-वृंदावन को भव्य स्वरूप देने की दिशा में काम कर रही है
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अयोध्या की तर्ज पर मथुरा-वृंदावन के विकास का दावा
सीएम योगी ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां रोजाना करीब एक लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। रामनवमी और दीपावली जैसे पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं को किसी तरह की बड़ी असुविधा नहीं होती।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, फोरलेन सड़कें और डबल रेलवे लाइन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसी तरह मथुरा-वृंदावन में भी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि ब्रजभूमि में भी अयोध्या और काशी की तरह भव्य धार्मिक और आध्यात्मिक परिसर विकसित हो, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपने आराध्य के दर्शन और पूजन कर सकें।
‘अर्जुन, तुम निमित्त मात्र हो…’
अपने संबोधन में सीएम योगी ने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म और कर्तव्य का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि मनुष्य को निष्काम भाव से अपना कर्तव्य करते रहना चाहिए और परिणाम की चिंता नहीं करनी चाहिए।
सीएम ने कहा कि आज देश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पर्व और त्योहार समाज को जोड़ने और लोगों में एकता की भावना मजबूत करने का काम करते हैं।
उन्होंने ब्रजवासियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार उनकी भावनाओं के अनुरूप ब्रजभूमि के विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी और इसमें कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
‘आस्था हमें गति देती है’
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि करीब 5,200 वर्ष पहले भगवान श्रीकृष्ण ने इसी धरती पर प्रकट होकर धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना का संदेश दिया था।
उन्होंने कहा कि अनेक आक्रमणों और चुनौतियों के बावजूद सनातन की आस्था कायम रही। श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृति आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं और यही आस्था समाज को उन्नति और प्रगति की ओर ले जाती है।
पिछली सरकारों पर भी साधा निशाना
सीएम योगी ने कहा कि वह हर वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा आते हैं। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले यहां आने को लेकर राजनीतिक लोगों में वोटबैंक का डर रहता था।
उन्होंने जवाहरबाग कांड का जिक्र करते हुए कहा कि अब ब्रजभूमि की पहचान जन्मोत्सव, रंगोत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों से हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे देश, समाज और परिवार के लिए ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाएं।
रात 12 बजे होगा कान्हा का जन्म
श्रीकृष्ण जन्मभूमि में शुक्रवार रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा। जन्म से कुछ मिनट पहले रात 11:55 बजे पांच मिनट के लिए कपाट बंद किए जाएंगे। इस दौरान गर्भगृह में पर्दे के पीछे भगवान श्रीकृष्ण को पंचरत्नी पीतांबरी पोशाक पहनाई जाएगी और रत्न-जड़ित मुकुट व आभूषणों से श्रृंगार किया जाएगा।
भगवान के जन्म के बाद पर्दा खोला जाएगा और आरती होगी। इसके बाद प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाकर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे। भगवान का सोने से सजी चांदी की कामधेनु के दूध से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद चांदी के कमल पर विराजमान कर पंचामृत स्नान कराया जाएगा।
रात करीब 12:45 बजे प्रतिमा को दोबारा गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा। इसके बाद शयन आरती होगी और मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
