लखनऊ में आयोजित पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष और कुछ धार्मिक नेताओं पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए विस्थापित परिवारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन लोगों के दर्द और अधिकारों के लिए कभी किसी मौलाना या मौलवी की आवाज़ नहीं उठी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में कट्टरपंथ और धार्मिक भेदभाव का शिकार हुए इन परिवारों की संपत्तियों पर वहां कब्जा कर लिया गया, लेकिन उनके समर्थन में बोलने वाले लोग कभी सामने नहीं आए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग केवल चुनिंदा मुद्दों पर ही अपनी प्रतिक्रिया देते हैं और विस्थापितों की पीड़ा को नजरअंदाज करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि वास्तव में संवेदनशीलता होती तो ऐसे लोगों की ओर से इन विस्थापित परिवारों को जमीन और अधिकार दिलाने की मांग उठाई जाती। उन्होंने वक्फ संपत्तियों को लेकर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन लोगों ने दूसरों की जमीनों पर दावा किया, उन्होंने कभी इन विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की चिंता नहीं की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दोहरे चरित्र की राजनीति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश अब ऐसे रवैये को समझ चुका है और जनता सब कुछ देख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और विस्थापित परिवारों को न्याय दिलाने का काम कर रही है।
कार्यक्रम में 1,645 विस्थापित परिवारों और पात्र लाभार्थियों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे उन्हें अपनी जमीनों पर वैधानिक अधिकार प्राप्त हो सके।
