मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने आर्थिक अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) की समीक्षा बैठक में उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी, जालसाजी, गबन और अन्य आर्थिक अपराध आम नागरिकों के विश्वास को प्रभावित करते हैं। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ समयबद्ध और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में 31 मई तक ईओडब्ल्यू द्वारा 155 जांच, विवेचना और अनुवर्ती कार्यवाहियों का निस्तारण किया गया है, जबकि 71 अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने और फरार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने तकनीक आधारित जांच व्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी बल दिया। उन्होंने केस मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) के प्रभावी उपयोग के निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑनलाइन रिपोर्टिंग से जांच की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही निर्देश दिया कि कोई भी जांच अधिकारी किसी मामले को तीन महीने से अधिक समय तक लंबित न रखे।
बैठक में आर्थिक अपराधों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने ईओडब्ल्यू के “जागरूकता, जानकारी, बचाव” अभियान को और व्यापक बनाने के निर्देश दिए, ताकि लोग साइबर फ्रॉड, पोंजी स्कीम, मल्टीलेवल मार्केटिंग और चिटफंड घोटालों जैसी धोखाधड़ी से बच सकें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और विवेचकों के प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा संगठन की क्षमता वृद्धि पर भी जोर देते हुए कहा कि बदलते समय में आर्थिक अपराधों की जांच के लिए एजेंसियों को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाना आवश्यक है।
