लखनऊ में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के प्रचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत की प्रमुख हेल्थकेयर कंपनी Dabur India Limited ने पुदीने को “वंडर हर्ब” के रूप में प्रस्तुत करने के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान कंपनी के लोकप्रिय उत्पाद डाबर पुदीन हरा के माध्यम से पुदीने के औषधीय महत्व को लोगों तक पहुंचाने पर केंद्रित है।
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जिसमें कंपनी के अधिकारी और आयुर्वेद विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यक्रम में पुदीने के स्वास्थ्य लाभ, विशेषकर गर्मियों में इसके उपयोग और पाचन तंत्र पर इसके सकारात्मक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पुदीने के औषधीय गुणों पर जोर
कार्यक्रम में आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. आशीष जायसवाल ने बताया कि पुदीना एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं जैसे एसिडिटी, गैस और बदहजमी में पुदीना विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि पुदीने में मौजूद मेन्थॉल पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करता है और पेट की मांसपेशियों को आराम देता है, जिससे पेट दर्द और ऐंठन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।
आयुर्वेद और आधुनिक जीवनशैली का मेल
डाबर के कॉरपोरेट प्रतिनिधियों ने बताया कि आज की तेज जीवनशैली और बदलते खानपान के कारण लोगों में पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। ऐसे में प्राकृतिक और आयुर्वेदिक समाधान अधिक उपयोगी साबित हो रहे हैं।
कंपनी के मार्केटिंग प्रतिनिधि ने कहा कि डाबर पुदीन हरा लंबे समय से गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं में राहत देने के लिए एक भरोसेमंद उत्पाद रहा है, और यह अभियान उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
3000 साल पुरानी जड़ी-बूटी का महत्व
आयुर्वेद विशेषज्ञों ने पुदीने के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पुदीना का उपयोग लगभग 3000 वर्षों से औषधीय रूप में किया जा रहा है और यह आज भी पाचन स्वास्थ्य के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक उपाय माना जाता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बाजार में उपलब्ध कुछ रासायनिक एंटासिड्स की तुलना में आयुर्वेदिक विकल्प शरीर के लिए अधिक सुरक्षित हो सकते हैं।
लखनऊ में शुरू किया गया यह अभियान पुदीने को एक “वंडर हर्ब” के रूप में स्थापित करने और लोगों को इसके प्राकृतिक स्वास्थ्य लाभों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।
