उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में स्टोर रूम के पास स्थित एक खिड़की से बाहर देखने के लिए जैसे ही उन्होंने हाथ लगाया, खिड़की का पल्ला उखड़कर उनके हाथ में आ गया। यह देखकर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ए.के. वर्मा और अन्य अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
खिड़की उखड़ी, कूड़ा देखकर जताई नाराजगी
इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने खिड़की के बाहर फैले कूड़े पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “हम पूरे प्रदेश में मच्छरों को खत्म करने का अभियान चला रहे हैं और यहां मच्छरों के घर बनाए जा रहे हैं।” निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उन्हें कई जगह अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं।
टूटी फर्श और खुले बिजली के तारों पर सवाल
पुरानी बिल्डिंग में प्रवेश करते ही उन्होंने टूटी हुई फर्श देखी और इस पर प्राचार्य से सवाल किया। इसके बाद दरवाजे के ऊपर खुले बिजली के तार देखकर भी उन्होंने नाराजगी जताई और पूछा कि इन्हें अब तक ठीक क्यों नहीं कराया गया। उन्होंने संबंधित जूनियर इंजीनियर की जानकारी भी मांगी।
कबाड़ और गंदगी पर अधिकारियों को लगाई फटकार
कुछ कदम आगे बढ़ने पर तीमारदारों के बैठने की जगह के पास स्थित खिड़की से बाहर झांका तो वहां कबाड़ पड़ा मिला। इसे लेकर भी उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान टूटी फर्श, खुले बिजली के तार, कबाड़ और गंदगी जैसी कई खामियां सामने आईं।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश
डिप्टी सीएम ने मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) ए.के. वर्मा से कहा कि अस्पताल में काफी अव्यवस्थाएं हैं और इन्हें जल्द दूर कराया जाए। प्रमुख चिकित्साधीक्षक डॉ. नीलम सिंह को भी निर्देश दिए कि मरीजों और उनके तीमारदारों को किसी तरह की परेशानी न होने पाए।
प्रयागराज में लखनऊ जैसी स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारी
निरीक्षण के बाद ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रयागराज में भी लखनऊ जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज को मिली अतिरिक्त जमीन पर नए भवनों के निर्माण और एमजी मार्ग पर ट्रॉमा सेंटर बनाए जाने का प्रस्ताव पायलट प्रोजेक्ट के रूप में तैयार किया गया है।
