Home लाइफ़स्टाइल क्या आपके भी हाथ-पैर या शरीर के दूसरे हिस्से में दिखाई देते हैं चोट लगने जैसा निशान?

क्या आपके भी हाथ-पैर या शरीर के दूसरे हिस्से में दिखाई देते हैं चोट लगने जैसा निशान?

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क्या आपके भी हाथ-पैर या शरीर के दूसरे हिस्से में दिखाई देते हैं चोट लगने जैसा निशान?

अधिकतर लोगों ने ऐसा महसूस  किया होगा कि बिना चोट लगे उन्हें अपने हाथ-पैर और शरीर के दूसरे हिस्से में चोट लगने जैसा निशान दिखाई दिए होंगे. यह निशान वैसे होते तो हैं नीले रंग के होते हैं लेकिन किसी ने अचानक देख लिया तो उसे लगेगा कि इसे गंभीर चोट लगी है. इस निशान को लेकर अक्सर दिमाग में सवाल आता है कि आखिर किस कारण से ऐसे निशान शरीर पर दिखाई देते हैं?

इंडियन एक्सप्रेस से खास बातचीत करते हुए मीरा रोड के वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स के डॉ अनिकेत मुले  बताते हैं कि कई बार यह चोटें टेबल या कुर्सी से चोट लगने के कारण भी हो सकते हैं. लेकिन कई शरीर पर दिखने वाली ऐसी चोटे इंटरनल ब्लीडिंग के कारण होती है. इंटरनल ब्लीडिंग यानि त्वचा के नीच पाई जाने वाली नसें जिससे ब्लड सर्कुलेशन होता है अगर उसमें किसी भी तरह की खराबी आई या वह टूट जाए तो ब्लड निकलकर सतह पर जमा हो जाते हैं. जिसके कारण निशान स्किन पर दिखाई देते हैं.

क्या यह खतरनाक है?

कभी-कभी चोट लगना आम बात है. यह खतरनाक भी नहीं होते हैं. डॉक्टर के मुताबिक विटामिन सी या के जैसे आवश्यक विटामिन की कमी के कारण खून के थक्के जमने लगते हैं. जिसके कारण यह त्वचा को काफी ज्यादा प्रभावित करता है. जिससे संभावित रूप से आसानी से चोट लग सकती है. इसके अलावा कुछ दवाएं या चिकित्सीय स्थितियां, जैसे ब्लड सर्कुलेशन में खराबी या किडनी की समस्याएं में ऐसे लक्षण शरीर पर दिखाई देते हैं.

छोटी-मोटी चोटें

छोटी-मोटी चोटें या उभार जिम्मेदार हो सकते हैं, जिनके बारे में व्यक्ति को शायद याद भी न हो. यह विशेष रूप से बुजुर्ग लोगों में आम है, क्योंकि उम्र के साथ उनकी त्वचा पतली और अधिक नाजुक हो जाती है. जिससे उन्हें चोट लगने की संभावना अधिक हो जाती है. कुछ दवाएं जैसे रक्त पतला करने वाली दवाएं, एस्पिरिन और कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स, चोट लगने की प्रवृत्ति को बढ़ा सकती हैं.

विटामिन K की कमी

विटामिन K खून का थक्का जमने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. विटामिन K की कमी से आसानी से चोट लग सकती है और रक्तस्राव हो सकता है. एक व्यक्ति को आहार से पर्याप्त विटामिन K प्राप्त करना सुनिश्चित करना चाहिए, जिसमें पत्तेदार हरी सब्जियां, ब्रोकोली और अंडे शामिल हैं.

इन स्थिति में भी शरीर पर दिखाई देते हैं नीले निशान

लिवर और किडनी की  बीमारी में शरीर पर नीले रंग के निशान दिखाई देते हैं. इम्युनिटी कमजोर होने पर भी शरीर पर लक्षण दिखाई देते हैं.

कब करवाना चाहिए इसका इलाज?

अगर किसी व्यक्ति को यह समस्या काफी ज्यादा हो रही है. बार-बार उनके शरीर पर ऐसे निशान दिखाई दे रहे हैं. तो उन्हें डॉक्टरी सलाह की जरूरत है. साथ ही साथ शरीर पर निशान दिखाई देने के साथ-साथ शरीर में इस तरह के बदलाव हो रहे हैं जैसे-जोड़ों में दर्द, थकान, या काफी ज्यादा ब्लड निकलना के साथ है, तो यह अधिक गंभीर अंतर्निहित स्थिति का संकेत दे सकता है.

बड़े या दर्दनाक घाव

जो घाव असामान्य रूप से बड़े, दर्दनाक होते हैं, या सामान्य दो सप्ताह की समय सीमा के भीतर ठीक नहीं होते हैं, उनका मूल्यांकन डॉक्टर द्वारा किया जाना चाहिए.किसी को यह याद रखना चाहिए कि किसी भी अंतर्निहित चिकित्सा स्थिति का शीघ्र निदान और उपचार जटिलताओं को रोकने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद कर सकता है.