आगरा | ममता भारद्वाज
फतेहपुर सीकरी में इन दिनों ‘लपका आतंक’ थमने का नाम नहीं ले रहा है। विश्व धरोहर स्थल पर आने वाले पर्यटकों को अवैध गाइडों के गिरोह द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। बाहर से आने वाली गाड़ियों को देखते ही ये लपके सक्रिय हो जाते हैं और सैलानियों को चारों तरफ से घेर लेते हैं।
बताया जा रहा है कि ये लोग खुद को गाइड बताकर पर्यटकों को अपनी बातों में फंसाते हैं और फिर उनसे अवैध वसूली करते हैं। इनके पास न तो कोई वैध लाइसेंस होता है और न ही पहचान पत्र, लेकिन मीठी बातों के जाल में फंसाकर पर्यटकों की जेब पर वार किया जाता है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क कोरई टोल से लेकर गुलिस्ता पार्किंग तक फैला हुआ है। वहीं आगरा गेट से शाहकुली तिराहा तक कई स्थानों पर ये गिरोह सक्रिय रहते हैं और हर मोड़ पर पर्यटकों को रोकने और फंसाने की कोशिश करते हैं।

पर्यटकों का आरोप है कि गाड़ी रुकते ही ये लोग चारों तरफ से घेर लेते हैं और जबरन गाइड बनने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में पर्यटकों से मनमाना पैसा वसूला जाता है। इस पूरे घटनाक्रम ने सीकरी की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब बिना किसी साठगांठ के संभव नहीं है। आरोप है कि अंदरखाने मिलीभगत के चलते इन गिरोहों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
विश्व धरोहर स्थल पर इस तरह की घटनाएं न सिर्फ पर्यटन को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले सैलानियों की सुरक्षा और भरोसे पर भी असर डाल रही हैं। अब सवाल यह है कि आखिर प्रशासन कब इस ‘लपका नेटवर्क’ पर लगाम लगाएगा और पर्यटकों को सुरक्षित माहौल कब मिलेगा।
