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हनुमान की वेशभूषा में भाजपा का झंडा लेकर नृत्य करने वाले कलाकार पर विवाद, मंदिर प्रबंधन ने दी सफाई

लखनऊ। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत कार्यक्रम के दौरान हनुमान की वेशभूषा में भाजपा का झंडा लेकर नृत्य करने वाले कलाकार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और धार्मिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है, जबकि मंदिर प्रबंधन और भाजपा नेताओं ने पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

जांच में सामने आया कि चार जुलाई को आलमबाग चौराहे के पास आयोजित स्वागत समारोह में अन्य कलाकारों के साथ हनुमान की वेशभूषा धारण किए कलाकार की भी मंच पर प्रस्तुति प्रस्तावित थी। कलाकार ने कार्यक्रम से पहले मंच के पीछे स्थित प्राचीन मौनी बाबा मंदिर में हनुमान का रूप धारण किया था।

मंदिर के मुख्य पुजारी एवं प्रबंधक श्याम सुंदर शुक्ल ने बताया कि सभी कलाकारों ने मंदिर परिसर में ही प्रस्तुति की तैयारी की थी। उन्होंने कहा कि कलाकारों को पहले ही स्पष्ट रूप से समझाया गया था कि हनुमान की वेशभूषा में कोई भी ऐसा कार्य न करें जिससे धार्मिक मर्यादा प्रभावित हो। कलाकार ने भी इस बात का आश्वासन दिया था, लेकिन जैसे ही स्वागत जुलूस मंदिर के सामने पहुंचा, वह भावावेश में मंच से उतरकर सड़क पर नृत्य करने लगा।

उधर, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि कलाकारों को किसने आमंत्रित किया था। उन्होंने बताया कि शहर के कई स्थानों पर संस्कृति विभाग के सहयोग से भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे और संभव है कि कलाकार उसी व्यवस्था के तहत आए हों। उन्होंने पूरे मामले को जांच का विषय बताते हुए कहा कि इसकी वास्तविक वजह सामने आनी चाहिए।

इस घटना पर कई धार्मिक संगठनों ने भी नाराजगी जताई है। मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरी ने कहा कि किसी भी देवी-देवता की वेशभूषा में राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान इस तरह का प्रदर्शन उचित नहीं है। उनका कहना है कि धार्मिक प्रतीकों का सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

लेटे हुए हनुमान मंदिर के सेवादार रिद्धि किशोर गौड़ ने भी इस घटना को अनुचित बताते हुए कहा कि भगवान हनुमान भक्ति, सेवा और विनम्रता के प्रतीक हैं तथा उनके स्वरूप का किसी राजनीतिक दल के प्रचार से जुड़ना उचित नहीं माना जा सकता।

वहीं, महाकाल मंदिर राजेंद्र नगर के मीडिया प्रभारी अतुल मिश्रा ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से मांग की कि रोड शो और सार्वजनिक आयोजनों में देवी-देवताओं की वेशभूषा के उपयोग को लेकर स्पष्ट आचार संहिता बनाई जाए।

फिलहाल इस वीडियो को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। भाजपा ने मामले की जांच की बात कही है, जबकि धार्मिक संगठनों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।

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