उत्तर प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था अब दूसरे राज्यों के लिए भी अध्ययन का विषय बन रही है। इसी क्रम में हरियाणा विधानसभा की शिक्षा समिति सोमवार को लखनऊ पहुंचकर प्रदेश के शिक्षा मॉडल का अध्ययन करेगी।
समिति में सभापति, सदस्य और हरियाणा विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों समेत कुल 30 सदस्य शामिल होंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्कूल शिक्षा से जुड़े 11 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
बैठक में सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं, भवन, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, शौचालय, पेयजल और खेल मैदान के विकास की जानकारी साझा की जाएगी। इसके अलावा सरकारी स्कूलों की संख्या, छात्र नामांकन, छात्र-शिक्षक अनुपात और ड्रापआउट रोकने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
समिति बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान, शिक्षकों की भर्ती और स्थानांतरण, विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी अध्ययन करेगी।
इसके साथ ही स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग, आईसीटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, व्यावसायिक एवं कौशल शिक्षा, उद्योगों से जुड़ाव और करियर काउंसिलिंग जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
स्कूलों की निगरानी व्यवस्था, प्रमुख सरकारी योजनाओं और उत्तर प्रदेश में लागू सफल नवाचार योजनाओं की जानकारी भी समिति को दी जाएगी। साथ ही प्रदेश के कुल बजट की तुलना में स्कूली शिक्षा पर होने वाले व्यय के पैटर्न पर भी चर्चा होगी।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने संबंधित अधिकारियों की बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
