उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होते ही गर्मी ने फिर से तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज धूप निकलने से तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। देश के सबसे गर्म शहरों में प्रयागराज, वाराणसी और बांदा शामिल रहे, जहां अधिकतम तापमान क्रमशः 44, 43 और 42.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि बिहार सीमा से सटे तराई क्षेत्रों और कुछ दक्षिणी जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश भी हुई। बदायूं में आंधी और बारिश के दौरान एक युवक छत पर कपड़े उतारने गया था, लेकिन तेज हवा के कारण संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को कुशीनगर, महराजगंज और सिद्धार्थनगर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है तथा हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं प्रदेश के 55 जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती मंडल, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, कानपुर मंडल, सहारनपुर मंडल, मेरठ मंडल, अलीगढ़, आगरा, मुरादाबाद, बरेली और बुंदेलखंड के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है।
विभाग ने अगले पांच दिनों में लखनऊ समेत 40 से अधिक जिलों के अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना जताई है। बुधवार को राजधानी लखनऊ का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं झांसी में 42.5 और हमीरपुर में 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी और अधिक परेशान कर सकती है। लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
