रिपोर्ट- प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ: जानकीपुरम सहारा स्टेट रोड स्थित मुख्य चौराहे के पास मंदिर और रिहाइशी इलाकों के समीप नगर निगम द्वारा बनाए गए कूड़ाघर और प्रस्तावित कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट के विरोध में स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। क्षेत्रीय निवासियों, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुड़े सैकड़ों लोगों ने मंदिर और कूड़ाघर के बाहर प्रदर्शन कर नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के दौरान आरएसएस के मुख्य प्रचारक डॉ. विवेक सिंह ने कहा कि पवित्र मंदिरों के बगल में पहले शौचालय और अब कूड़ाघर बनाया जा रहा है, जिसका स्थानीय लोग घोर विरोध करते हैं।

सीपीडब्ल्यूडी रेजिडेंट वेलफेयर समिति के अध्यक्ष विवेक कुमार ने कहा कि कूड़ाघर के ठीक पास चार मंजिला रिहायशी कॉलोनी समेत कई घनी आबादी वाली कॉलोनियां हैं। ऐसे में कूड़ा डंपिंग और प्रोसेसिंग प्लांट से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका है।

एसबीआई कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके गुप्ता ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोग कई वर्षों से यहां पार्क बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को नजरअंदाज करते हुए मंदिर के पास सार्वजनिक शौचालय और कूड़ा स्टोर बना दिया गया।

जयति भारतम की रेनू अग्निहोत्री ने कहा कि सहारा स्टेट रोड पर पहले से ही भारी ट्रैफिक रहता है। इस मार्ग पर कई स्कूल और अस्पताल भी हैं। ऐसे में कूड़ा ढोने वाले वाहनों की आवाजाही बढ़ने से ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
जानकीपुरम गार्डन परिवार के मुकेश गुप्ता ने कहा कि क्षेत्रवासी लंबे समय से बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के लिए पार्क की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को पार्क के अलावा कोई अन्य निर्माण स्वीकार नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रीय संस्थाओं और नागरिकों ने प्रस्ताव पारित कर नगर निगम और शासन से कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण तत्काल रोकने और इसे गैर-रिहाइशी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग की। लोगों ने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ ही कोर्ट जाने और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की बात भी कही गई।
