रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अमीर कारोबारियों का नक्शा तेजी से बदल रहा है। M3M Hurun India Rich List 2026 में यूपी के शहरों से जुड़े 46 धनकुबेरों को जगह मिली है। इन सभी की कुल संपत्ति करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये बताई गई है। शहरों की बात करें तो नोएडा से सबसे ज्यादा 15 नाम सूची में शामिल हैं। इसके बाद कानपुर के 10 और लखनऊ के चार कारोबारी सूची में जगह बनाने में सफल रहे हैं।
नोएडा में सबसे ज्यादा धनकुबेर
हुरुन की 2026 सूची में नोएडा से 15 कारोबारी शामिल हैं। इनमें आदित्य खेमका की संपत्ति 32,200 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा पुनीत गुप्ता, हितेश ओबेरॉय, अजय कुमार, यशिश दहिया और दिनेश चंद्र अग्रवाल समेत अन्य कारोबारी भी सूची में हैं।
नोएडा के 15 नामों में आदित्य खेमका के बाद पुनीत गुप्ता की संपत्ति 7,900 करोड़, हितेश ओबेरॉय की 7,600 करोड़ और अजय कुमार की 6,200 करोड़ रुपये बताई गई है।
कानपुर से 10 उद्योगपति शामिल
कानपुर इस सूची में 10 नामों के साथ दूसरे प्रमुख शहर के रूप में सामने आया है। यहां राज कुमार लोहिया की संपत्ति 5,800 करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं सोम प्रकाश गोयनका और सुरेंद्र कुमार गुप्ता की संपत्ति 5,500-5,500 करोड़ रुपये है।
गोल्डी मसाले समूह से जुड़े दोनों कारोबारियों की संयुक्त संपत्ति करीब 11,000 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा मुरलीधर ज्ञान चंदानी, बिमल ज्ञान चंदानी, गोपाल गुप्ता एवं परिवार समेत अन्य नाम भी सूची में शामिल हैं।
लखनऊ से चार नाम
राजधानी लखनऊ से चार कारोबारी हुरुन की सूची में शामिल हैं। इनमें सचिन अग्रवाल 15,300 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे ऊपर हैं। इसके बाद अनिल कुमार सिंह की संपत्ति 4,800 करोड़, विनोद कुमार सिंह की 1,400 करोड़ और आनंद स्वरूप अग्रवाल की संपत्ति 1,100 करोड़ रुपये बताई गई है।
यूपी से जुड़े सबसे बड़ी संपत्ति वाले नाम
हुरुन की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी से जुड़े नामों में संपत्ति के आधार पर आदित्य खेमका 32,200 करोड़ रुपये के साथ सबसे ऊपर हैं। उनके बाद सचिन अग्रवाल 15,300 करोड़ रुपये और प्रयागराज के अलख पांडेय 13,800 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ शामिल हैं।
2026 में 11 नए नामों की एंट्री
2025 की सूची में यूपी से 41 नाम थे, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 46 हो गई है। इस साल 11 नए नाम सूची में शामिल हुए हैं। इनमें नोएडा से पुनीत गुप्ता, अजय कुमार और अनुपम घोष एवं परिवार शामिल हैं।
कानपुर से राज कुमार लोहिया, सोम प्रकाश गोयनका, सुरेंद्र कुमार गुप्ता और गोपाल गुप्ता एवं परिवार की एंट्री हुई है। इसके अलावा आगरा से गुलाब चंद लधानी, गोरखपुर से प्रेम प्रकाश अग्रवाल और संतोष कुमार अग्रवाल तथा मिर्जापुर से गोविंदजी गुप्ता भी नए नामों में शामिल हैं।
छह नाम इस बार सूची से बाहर
2025 की सूची से तुलना करने पर छह नाम इस बार शामिल नहीं हैं। इनमें नोएडा के सुनील वाछानी, गीतांबर आनंद और अरविंद गुप्ता, कानपुर के तस्नीफ अहमद मिर्जा और महेंद्र मोहन गुप्ता तथा बुलंदशहर के राधेश्याम दीक्षित शामिल हैं।
किन क्षेत्रों से बनी इतनी बड़ी संपत्ति?
यूपी से जुड़े इन धनकुबेरों का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। सूची में इलेक्ट्रॉनिक्स, उद्योग, शिक्षा, रियल एस्टेट, खाद्य उत्पाद, सॉफ्टवेयर, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य, निर्माण, धातु-खनन और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर से जुड़े कारोबारी शामिल हैं। हुरुन के अनुसार, यूपी की कारोबारी संपत्ति का दायरा पारंपरिक उद्योगों के साथ नए दौर के क्षेत्रों तक भी फैल रहा है।aQ
