मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र से गिरफ्तार आईआईटियन बाबा उर्फ अभिषेक मिश्रा से जुड़े मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर चार और युवतियों के साथ उसकी कथित आपत्तिजनक तस्वीरें सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अधिकारियों के अनुसार इन तस्वीरों में दिखाई देने वाली युवतियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस जांच में अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार अभिषेक मिश्रा ने आध्यात्मिक प्रभाव और स्वयं को कृष्ण का अवतार बताकर कई युवतियों को अपने संपर्क में लिया था। जांच एजेंसियों को उसके संपर्क में 24 से अधिक युवतियों के होने के साक्ष्य मिले हैं।
आरोपित अभिषेक मिश्रा ओडिशा का रहने वाला है और उसने Indian Institute of Technology Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वह पिछले चार वर्षों से राधाकुंड के शेरगढ़िया क्षेत्र में रह रहा था और खुद को कथावाचक एवं धार्मिक प्रवचनकर्ता के रूप में प्रस्तुत करता था।
मध्य प्रदेश की एक युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अभिषेक मिश्रा ने विश्वास का दुरुपयोग कर उसका शोषण किया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने उसे 1 जून की शाम गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस का दावा है कि आरोपित युवतियों को नशे की लत लगाने के बाद उनका शारीरिक और मानसिक शोषण करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह स्वयं को कृष्णावतार बताकर कुछ युवतियों से कथित रूप से गंधर्व विवाह करने का दावा करता था।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। इन डिजिटल उपकरणों की पड़ताल में लगातार नए साक्ष्य सामने आ रहे हैं, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ती जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
