रिपोर्ट: गोविंद कश्यप
उत्तर प्रदेश सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न डॉक्टरों को बड़ी राहत दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इंटर्नशिप स्टाइपेंड को 12 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि इस फैसले से प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और संबद्ध अस्पतालों में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे इंटर्न डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें हर महीने 13 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

स्टाइपेंड में 108 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी
इंटर्न डॉक्टरों को पहले 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता था। वर्ष 2021 में इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया गया था। अब सरकार ने इसे 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। यानी मौजूदा स्टाइपेंड की तुलना में 108 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
अस्पतालों में निभाते हैं अहम भूमिका
रोटेटिंग इंटर्नशिप के दौरान एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे ओपीडी, वार्ड, आपातकालीन सेवाओं और रात्रिकालीन ड्यूटी के साथ मरीजों की देखभाल में भी योगदान देते हैं। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के अस्पतालों में भी इंटर्न डॉक्टर स्वास्थ्य सेवाओं का अहम हिस्सा हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी
इंटर्न डॉक्टरों को स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। खासकर ग्रामीण अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और चिकित्सकीय सेवाओं के संचालन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। ಸರ್ಕಾರ के इस फैसले से इंटर्न डॉक्टरों को आर्थिक राहत मिलने के साथ उनकी सेवाओं को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
