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हंसना है बेहद जरूरी, लेकिन शास्त्रों में इन जगहों पर हंसी-ठिठोली करना माना

हंसना जीवन की सबसे अच्छी क्रियाओं में एक है. हर व्यक्ति चाहता है कि, उसका हर दिन हंसी-खुशी बीते. मशहूर कॉमिक एक्टर चार्ली चैपलिन (Charlie Chaplin) ने हंसी को लेकर कहा है कि, हंसी के बिना गुजारा गया दिन, एक बर्बाद दिन है.

हंसने (Happiness) के कई शारीरिक और मानसिक लाभ है, क्योंकि हंसने का सकारात्मक प्रभाव हमारे मन-मस्तिष्क पर पड़ता है. हंसी तनाव को कम करती है. हंसी के महत्व को बताने के लिए ही हर साल विश्वभर में मई महीने के पहले रविवार को विश्व हास्य दिवस के तौर पर मनाया जाता है. इस साल विश्व हंसी दिवस 05 मई 2024 को है.

हंसने के भले ही कई सकारात्मक लाभ हैं. लेकिन शास्त्रों में ऐसी जगहों के बारे में बताया गया है, जहां भूलकर भी नहीं हंसना चाहिए. क्योंकि इन जगहों पर हंसना महापाप माना गया है. अगर आप भी ऐसी जगहों पर हंसी-ठिठोली करते हैं तो पाप के भागीदार बन सकते हैं. आइये जानते हैं किन जगहों पर नहीं हंसना चाहिए.

इन जगहों पर नहीं करनी चाहिए हंसी-ठिठोली

  • शोकाकुल परिवार में: अगर आप किसी शोकाकुल परिवार में जाएं तो इधर-उधर की बातें कर हंसी ठिठोली करने से बचें. क्योंकि शोकाकुल परिवार में गम का माहौल रहता है और ऐसे में आप यहां इधर-उधर की बातें करेंगे या हंसी-ठिठोली करेंगे तो इससे शोकाकुल परिवार की भावनाएं आहत होंगी और साथ ही आप पाप के भागीदार भी बनेंगे.
  • शमशान में: शमशान जैसी जगहों पर कभी भी नहीं हंसना चाहिए. साथ ही किसी की शवयात्रा के दौरान भी नहीं हंसना चाहिए. ऐसा करना मृत व्यक्ति का अपमान है. शास्त्रों में इसे सौ पापों से समान माना गया है.
  • मंदिर में: मंदिर ईश्वर का पवित्र स्थान है. यहां व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है. मंदिर जाकर लोग पूजा करते हैं, ध्यान लगाते हैं और वंदना करते हैं.  इसलिए मंदिर जैसे पवित्र और आध्यात्मिक स्थान पर हंसने से आप स्वयं भी ईश्वर के साथ नहीं जुड़ पाते और दूसरों के ध्यान में भी बाधा उत्पन्न करते हैं.
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