Homeउत्तर प्रदेशअक्षय तृतीया 2026: पूजा, खरीदारी और दान से बनाएं दिन खास, जानें...

अक्षय तृतीया 2026: पूजा, खरीदारी और दान से बनाएं दिन खास, जानें क्या करें और क्या नहीं

लखनऊ। सनातन परंपरा में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन को ऐसा शुभ मुहूर्त माना जाता है, जब बिना पंचांग देखे भी मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। “अक्षय” का अर्थ होता है—जो कभी समाप्त न हो, इसलिए इस दिन किए गए पुण्य और निवेश को अनंत फलदायी माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान भगवान विष्णु और माता माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। सुबह स्नान के बाद विधि-विधान से पूजा, दीपदान और मंत्र जप करने की परंपरा है।

अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदने की भी खास परंपरा है। ज्वेलरी दुकानों में इस दिन विशेष भीड़ देखने को मिलती है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई संपत्ति में निरंतर वृद्धि होती है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बजट के अनुसार ही निवेश करें।

इसके अलावा, दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है। गर्मी के मौसम में जरूरतमंदों को जल, शरबत, अन्न और वस्त्र दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों द्वारा सेवा कार्य भी आयोजित किए जाते हैं।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन नए कार्यों की शुरुआत, गृह प्रवेश, विवाह, वाहन या प्रॉपर्टी खरीदना भी शुभ होता है। वहीं अनावश्यक खर्च, विवाद और नकारात्मक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

अक्षय तृतीया केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा और सकारात्मक शुरुआत का भी प्रतीक है, जो हर व्यक्ति को जीवन में समृद्धि और संतुलन का संदेश देती है।

RELATED ARTICLES

Most Popular