रिपोर्ट- दीपक अस्वस्थी
झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी में धर्म वापसी का एक मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल में रहने के दौरान मुस्लिम धर्म अपनाने वाले एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के साथ हिंदू धर्म में वापसी की है। सिद्धेश्वर मंदिर में आयोजित हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठान के बाद दोनों को नए नाम दिए गए। व्यक्ति को राजकुमार और उसकी पत्नी को अनीता नाम दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, झांसी निवासी व्यक्ति कुछ वर्ष पहले रोजगार के सिलसिले में पश्चिम बंगाल गया था। वहां वह कथित तौर पर रफीक नाम से रहने लगा। इसी दौरान उसने मुस्लिम महिला से शादी की और दोनों के बच्चे भी हुए। इसके बाद वह पत्नी और बच्चों के साथ पश्चिम बंगाल में ही रह रहा था।

राजकुमार ने बताया- दबाव में अपनाया था मुस्लिम धर्म
राजकुमार का दावा है कि पश्चिम बंगाल में रहने के दौरान कुछ अराजक तत्वों और कथित सरकारी दबाव के कारण उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। उसके मुताबिक, इसी परिस्थिति में उसने मुस्लिम धर्म अपना लिया और रफीक नाम से जीवन बिताने लगा।
राजकुमार के अनुसार, धर्म परिवर्तन के बाद उसने मुस्लिम महिला से विवाह किया और उनका परिवार भी वहीं बस गया। कई वर्षों तक वह रफीक के नाम से ही पश्चिम बंगाल में रहा।
पत्नी के साथ झांसी पहुंचकर की धर्म वापसी
बताया जा रहा है कि इसके बाद राजकुमार अपनी पत्नी के साथ झांसी पहुंचा और हिंदू धर्म में वापस आने की इच्छा जताई। इसके बाद सिद्धेश्वर मंदिर में हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया।
धार्मिक विधि-विधान के बीच दोनों की धर्म वापसी कराई गई। इस दौरान रफीक को राजकुमार और उसकी पत्नी को अनीता नाम दिया गया। अनुष्ठान के दौरान पूजा-पाठ और हवन कराया गया।
परिवार के साथ पश्चिम बंगाल में रह रहा था
धर्म वापसी करने वाले व्यक्ति के परिवार के मुताबिक, वह लंबे समय से पश्चिम बंगाल में पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था। अब झांसी में धार्मिक अनुष्ठान के बाद उसने हिंदू धर्म में लौटने का फैसला किया है।
हालांकि, पश्चिम बंगाल में धर्म परिवर्तन के संबंध में राजकुमार द्वारा लगाए गए दबाव के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पक्षों के दावों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही आगे की जानकारी सामने आ सकेगी।
