लगातार तीन दिनों तक भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बाधित रही विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा शुक्रवार को दोबारा शुरू हो गई। सुबह करीब आठ बजे प्रशासन ने मौसम और मार्ग की समीक्षा के बाद यात्रा की अनुमति दी। इसके साथ ही “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोष से पूरी केदारघाटी गूंज उठी। सोनप्रयाग में पिछले तीन दिनों से यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के चेहरों पर राहत और उत्साह साफ दिखाई दिया।
प्रशासन ने पहले चरण में करीब 800 श्रद्धालुओं को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच केदारनाथ धाम के लिए रवाना किया। यात्रा शुरू होने के बावजूद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और यात्रियों को पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
भूस्खलन प्रभावित मार्ग पर जारी राहत कार्य
केदारनाथ पैदल मार्ग के कई संवेदनशील हिस्सों में अभी भी भूस्खलन से आए मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। राष्ट्रीय राजमार्ग और पैदल मार्ग पर जेसीबी मशीनों तथा संबंधित विभागों की टीमें लगातार तैनात हैं। डीडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस बल भी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हैं। प्रशासन मौसम और मार्ग की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हालात के अनुसार ही श्रद्धालुओं को आगे भेजा जा रहा है।
तीन दिन तक रुकी रही थी यात्रा
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, पहाड़ियों से गिर रहे मलबे और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन तीन दिनों तक यात्रा रोक दी थी। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग और अन्य सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया, जहां उनके रहने, भोजन और सुरक्षा की व्यवस्था की गई।
अलकनंदा नदी का बढ़ा जलस्तर, कई इलाकों में खतरा
एक ओर केदारनाथ यात्रा फिर शुरू हो गई है, वहीं दूसरी ओर रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी का बढ़ता जलस्तर चिंता का विषय बना हुआ है। लगातार बारिश के चलते नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और उसका पानी तटीय इलाकों तक पहुंच गया है।
बेलनी क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर तक नदी का पानी पहुंचने से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने घर खाली करने शुरू कर दिए हैं। वहीं वाल्मीकि बस्ती को जोड़ने वाला पुल तेज बहाव में पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।
प्रशासन हाई अलर्ट पर
जिला प्रशासन ने पूरे रुद्रप्रयाग जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। जिला आपदा प्रबंधन, पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन की आधिकारिक सलाह का पालन करें, नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में निचले इलाकों में हालात और गंभीर हो सकते हैं, इसलिए सभी से सतर्क रहने को कहा गया है।
