पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित RG Kar Medical College and Hospital में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुई घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लखनऊ के King George’s Medical University (KGMU) ने अपने परिसर में बनी मजारों की जांच पूरी कर ली है। जांच में 8 मजारों में से 6 को लावारिस और अवैध पाया गया है, जबकि 2 मजारें वैध घोषित की गई हैं।
KGMU प्रशासन ने इन अवैध मजारों को हटाने के लिए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को रिपोर्ट सौंपते हुए बुलडोजर कार्रवाई की संस्तुति भेजी है। प्रशासन के अनुसार, संबंधित पक्षों को तीन बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के मुताबिक पहला नोटिस 22 जनवरी 2025, दूसरा 9 फरवरी और तीसरा 4 अप्रैल 2025 को जारी किया गया था। निर्धारित तिथियों पर मजारों के जिम्मेदार उपस्थित नहीं हुए, जबकि KGMU द्वारा नामित अधिकारी मौजूद रहे।
जांच के दौरान परिसर में शाहमीना साहब की दरगाह और हरमैन शाह की मजार को वैध पाया गया, जबकि अन्य 6 मजारों को अवैध माना गया। प्रशासन का कहना है कि इन मजारों में प्रयुक्त ईंट, टाइल्स और अन्य निर्माण सामग्री से स्पष्ट होता है कि इनका निर्माण हाल के वर्षों में किया गया है।
KGMU प्रशासन के अनुसार, ये मजारें मरीजों और तीमारदारों के आवागमन मार्ग में स्थित हैं, जिससे आवाजाही प्रभावित होती है। पूरे मामले की जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार को भेज दी गई है और अंतिम अनुमति मांगी गई है। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की उपलब्धता के बाद अवैध घोषित मजारों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
