लखनऊ में शुक्रवार सुबह 69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने नौकरी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11:10 बजे बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पहुंच गए और घेराव शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘मैं अभागा पिछड़ा, दलित हूं’ और ‘योगी की सरकार में पिछड़े-दलित कतार में’ जैसे स्लोगन लिखे बैनर थे।
इस दौरान अभ्यर्थियों ने ‘योगी बाबा न्याय करो’ और ‘हमारी मांगें पूरी हों, चाहे जो मजबूरी हो’ जैसे नारे लगाए। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की तो दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। करीब 30 मिनट तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और बसों से इको गार्डन भेज दिया।

6800 सीटों पर नियुक्ति की मांग
प्रदर्शन में शामिल करीब 60 अभ्यर्थी प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लखनऊ पहुंचे थे। उनका आरोप है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में उनके साथ धोखा किया है। अभ्यर्थियों के मुताबिक, सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में 8,270 सीटों को लेकर एफिडेविट दाखिल किया है, जिसमें 4,946 ऐसे अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं, जो पहले ही भर्ती प्रक्रिया से तीन बार बाहर हो चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मुख्य मांग 6,800 सीटों पर पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की है। उनका आरोप है कि सरकार की नई प्रक्रिया के चलते अब करीब 3,300 अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति मिल सकेगी।
अभ्यर्थियों ने सरकार पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस पर कपड़े फाड़ने का आरोप
प्रदर्शनकारी ‘मैं अभागा पिछड़ा, दलित हूं’ और ‘योगी की सरकार में पिछड़े-दलित कतार में’ जैसे स्लोगन लिखे बैनर लेकर शिक्षा मंत्री के आवास पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी लगातार सरकार से न्याय की मांग करते रहे।

प्रदर्शन शुरू होने के कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की। इस दौरान अभ्यर्थियों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर कपड़े फाड़ने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। इसके बाद दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई।
करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें बसों के जरिए इको गार्डन भेज दिया।
