रिपोर्ट- प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का अपनी लंबित मांगों को लेकर लखनऊ के ईको गार्डन में चल रहा शांतिपूर्ण धरना आठवें दिन भी जारी रहा।
CHO प्रतिनिधियों का कहना है कि लगातार आठ दिनों से आंदोलन जारी रहने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक वार्ता या मांगों के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
CHO संगठनों के मुताबिक उनकी प्रमुख मांगों में CHO कैडर का गठन, नियमितीकरण/स्थायीकरण, सम्मानजनक वेतन और सेवा शर्तों में सुधार समेत अन्य मांगें शामिल हैं।
संगठन लंबे समय से इन मुद्दों को शासन के समक्ष उठाते आ रहे हैं और इनके जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।
धरना स्थल पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे CHO शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं।
CHO प्रतिनिधियों का कहना है कि वे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनकी सेवा संबंधी समस्याओं और लंबित मांगों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।
CHO संगठनों ने कहा कि आठ दिन से धरना जारी रहने के बावजूद शासन स्तर से वार्ता के लिए पहल नहीं होना चिंता का विषय है।
संगठनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि CHO प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए समय दिया जाए, ताकि लंबित मांगों पर सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत हो सके और सम्मानजनक समाधान की दिशा में कार्रवाई आगे बढ़े।
संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित करना नहीं, बल्कि CHO की लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान कराना और सेवा से जुड़ी ऐसी नीति सुनिश्चित कराना है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। CHO प्रतिनिधियों ने सरकार से जल्द वार्ता कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
