रिपोर्ट – प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। राजधानी के इको गार्डन में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का धरना मंगलवार को 25वें दिन भी जारी रहा। नियमितीकरण, कैडर निर्माण, वेतन विसंगति दूर करने और अन्य सेवा सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदेशभर के CHO प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे कई बार मंत्रियों के आवास पर जाकर अपनी समस्याएं रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। मांगें पूरी नहीं होने पर उन्होंने प्रदेश के करीब 17 हजार CHO की ओर से सामूहिक इस्तीफा देने और विधानसभा का घेराव करने की चेतावनी दी है।
कैडर निर्माण और 4800 ग्रेड पे की मांग
CHO संघ के प्रदेश सदस्य सनत सिंह ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में कैडर निर्माण, हरियाणा की तर्ज पर 4800 ग्रेड पे और सातवें वेतनमान का लाभ शामिल है। इसके साथ ही पीवीआई को मूल मानदेय में मर्ज करने की मांग भी उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन और विभागीय अधिकारियों के साथ कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वे निर्धारित नियमावली के तहत अपने अधिकारों और सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों में नियमितीकरण, सम्मानजनक वेतनमान, स्थानांतरण नीति लागू करने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने जैसे मुद्दे भी शामिल हैं।
10 बार मंत्रियों के आवास पर जाने का दावा
धरने में शामिल CHO का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर करीब 10 बार मंत्रियों के आवास पर जा चुके हैं। इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के बाद भी उन्हें वेतन और सेवा संबंधी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन में शामिल एक महिला CHO ने कहा कि 1956 की नियमावली के अनुसार व्यवस्था लागू करने, कैडर बनाने और वेतन विसंगति दूर करने की जरूरत है। उनके मुताबिक, दूसरे कैडरों की तुलना में CHO को करीब पांच हजार रुपये कम मिलते हैं। उन्होंने पीवीआई को मूल मानदेय में शामिल करने की मांग भी दोहराई।
एक-दो महीने तक जारी रह सकता है आंदोलन
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि शर्मा ने कहा कि CHO अपनी मांगों से पीछे हटने वाले नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर एक से दो महीने तक धरना जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि वेतन और सेवा से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है, क्योंकि इन मुद्दों को लेकर कर्मचारियों को लंबे समय से परेशानी हो रही है।
बदायूं से पहुंचे प्रतीक कुमार और फिरोजाबाद के अमित नायक ने भी कहा कि सरकार की ओर से मांगों पर ठोस70 कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें अनिश्चितकालीन धरना देना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और सामूहिक इस्तीफे जैसा कदम उठाया जा सकता है।
17 हजार CHO के आंदोलन से बढ़ सकती है चुनौती
CHO प्रतिनिधियों के अनुसार, प्रदेशभर में करीब 17 हजार सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी गांवों और ग्राम सभाओं में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी जारी रही तो इसका असर चुनावी माहौल में भी देखने को मिल सकता है।
फिलहाल प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक इको गार्डन में धरना जारी रखने का ऐलान किया है। साथ ही, सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर नियमितीकरण, कैडर निर्माण और वेतन विसंगति समेत सभी मुद्दों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की है।
