रिपोर्ट – न्यूज डेस्क ,लखनऊ
लखनऊ। गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से जलभराव की समस्या का सामना कर रहे लखनऊ के इलाकों में राहत कार्य लगातार जारी हैं। योगी सरकार के निर्देश पर नगर निगम की टीमें प्रभावित परिवारों तक भोजन, राशन और पेयजल पहुंचा रही हैं।
जिन इलाकों में आवागमन मुश्किल है, वहां नावों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। शुक्रवार को नगर आयुक्त गौरव कुमार ने फैजुल्लागंज, गुल्मी खेड़ा समेत कई प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगर निगम के अनुसार, प्रभावित इलाकों में सुबह और शाम की पालियों में कुल 1,900 खाद्य पैकेट और पेयजल की बोतलें वितरित की गईं। इसके अलावा निजी संस्थाओं के सहयोग से करीब 500 से 600 पके भोजन के पैकेट के साथ कच्चा और सूखा राशन भी लोगों तक पहुंचाया गया।
जोन-3 और जोन-6 के अंतर्गत हयात नगर, बरावन कला, टांड़ खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, दौलत खेड़ा, लक्ष्मी हॉस्पिटल वाली गली और गुल्मी खेड़ा समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री वितरित की गई।
राहत कार्यों की निगरानी के लिए नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जोन-3 में जोनल अधिकारी अजीत राय, जोनल सेनेटरी ऑफिसर सचिन सक्सेना और अधिशासी अभियंता नजमी मुजफ्फर ने व्यवस्थाओं की निगरानी की।
वहीं, जोन-6 में जोनल अधिकारी अमरजीत सिंह यादव, जोनल सेनेटरी ऑफिसर राकेश कुमार और अधिशासी अभियंता अशोक यादव राहत कार्यों में जुटे रहे।
ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में राहत सामग्री के प्रबंधन के लिए करीब 70 कर्मचारियों को लगाया गया है। कर्मचारियों ने पिछले दो दिनों में पहुंची खाद्य सामग्री को उतारकर ट्रैक्टरों पर लोड किया, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने में आसानी हो सके।
जलभराव के कारण मच्छरों के पनपने और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने एंटी लार्वा छिड़काव भी शुरू कराया है।
लोहरामऊ और दाउदनगर में ड्रोन के माध्यम से छिड़काव किया गया। जलस्तर स्थिर होने के बाद अभियान का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। शनिवार से तीन ड्रोन लगाने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक प्रभावित इलाकों में छिड़काव किया जा सके।
नगर निगम की टीमें राहत सामग्री वितरण के साथ सफाई, स्वास्थ्य सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटी हैं। प्रशासन का जोर प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
