रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। गोमतीनगर के विकासखंड स्थित होटल क्रिस्टेलिया में 15 अगस्त की रात खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताकर तीन युवक घुस गए। आरोप है कि युवकों ने होटल स्टाफ को बंधक बना लिया और कर्मचारियों के मोबाइल फोन व होटल का प्रवेश रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिया। इतना ही नहीं, होटल में ठहरे लोगों को भी जबरन रोककर कई कमरों के दरवाजे खुलवाए और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की।
होटल मैनेजर की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनका तीसरा साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों की पहचान वाराणसी के मलदईया स्थित विजयनगर निवासी अभिनव सिंह और मेरठ के भावनपुर स्थित किला रोड निवासी शिवम चौहान के रूप में हुई है।

एसीपी गोमतीनगर रत्नेश सिंह के अनुसार, तीनों युवक कार से होटल पहुंचे थे। उन्होंने खुद को विदेश मंत्रालय का अधिकारी बताया। मैनेजर ने जब उनसे पहचान पत्र दिखाने को कहा तो आरोपित गाली-गलौज करने लगे और होटल कर्मचारियों को जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने स्टाफ के मोबाइल फोन और होटल का इंट्री रजिस्टर अपने कब्जे में ले लिया।
पुलिस की जांच में सामने आया कि अभिनव नोएडा की एक निजी साइबर सिक्योरिटी कंपनी में काम करता है, जबकि दूसरा आरोपित शिवम चौहान सीसी कैमरे लगाने का काम करता है। अभिनव ने अपने नाम से विदेश मंत्रालय के सेक्शन ऑफिसर का फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बनवा रखा था। वह इसी कार्ड को पहचान पत्र की तरह गले में डालकर होटल पहुंचा था।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से 478 विजिटिंग कार्ड, 14 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, तीन फर्जी आधार कार्ड, एक चेक और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद सामान को लेकर पुलिस अब पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि नोएडा में उनकी मुलाकात तुर्कमेनिस्तान की रहने वाली दुनिया नाम की युवती से हुई थी। युवती के मुताबिक, रोजा नाम की दूसरी युवती उसका पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर लखनऊ में मौजूद थी। इन्हीं दस्तावेजों की तलाश में तीनों युवक होटल पहुंचे थे।
पुलिस को आरोपितों के पास तुर्कमेनिस्तान की कुछ अन्य युवतियों से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। इसके बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस इन दस्तावेजों और आरोपितों के संपर्क में रहे लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार तीसरे युवक की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों ने विदेश मंत्रालय के अधिकारी होने का फर्जी दावा किस उद्देश्य से किया और उनके पास इतनी संख्या में विजिटिंग कार्ड व अन्य दस्तावेज कहां से आए।
मामले में फर्जी पहचान बनाकर होटल में प्रवेश करने, कर्मचारियों को धमकाने और संदिग्ध दस्तावेज बरामद होने के कारण पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है।
