उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक कसमंडी (कंसा पासी) किले को लेकर इन दिनों विवाद गहराता जा रहा है। जमीन और धार्मिक मुद्दों से जुड़े इस मामले के बीच लाखन आर्मी के एक कार्यक्रम के ऐलान के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विवादित स्थल और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद कसमंडी किले में स्थित प्राचीन शिव मंदिर और उससे जुड़े जमीन संबंधी मुद्दों को लेकर है। लाखन आर्मी ने 3 अगस्त को किले पहुंचकर जलाभिषेक और शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की थी। संगठन का कहना है कि वह 108 गांवों की मिट्टी और गंगाजल से मंदिर में अभिषेक करेगा। स्थानीय स्तर पर इस किले को कंसा पासी का किला भी कहा जाता है और इसका ऐतिहासिक महत्व माना जाता है।मलिहाबाद के कसमंडी किले को लेकर बढ़ा विवाद, प्रशासन अलर्ट
धर्म परिवर्तन का आरोप
लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने मलिहाबाद क्षेत्र में नट समाज के कुछ बच्चों का जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप एक मौलाना पर लगाया है। संगठन का दावा है कि इस मामले की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी या ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इसी को लेकर संगठन ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है और आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
क्या है लाखन आर्मी?
जानकारी के अनुसार, लाखन आर्मी की स्थापना 27 फरवरी 2023 को सूरज पासी ने की थी। शुरुआत में यह संगठन ‘लाखन एकता मिशन’ के नाम से कार्य करता था, जिसे बाद में लाखन आर्मी नाम दिया गया।
संगठन स्वयं को पासी समाज, दलित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए काम करने वाला मंच बताता है।संगठन का दावा है कि वह युवाओं को नशे, शराब और अपराध से दूर रखने के साथ-साथ दलित और पिछड़े वर्गों में कथित अवैध या जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों के खिलाफ भी अभियान चलाता है। वर्तमान में संगठन उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के अलावा बिहार और झारखंड में भी सक्रिय होने का दावा करता है।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
लाखन आर्मी के कार्यक्रम के ऐलान के बाद लखनऊ प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए कसमंडी किला और आसपास के इलाकों में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है और शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
