Homeउत्तर प्रदेशलखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर चला बुलडोजर, विरोध में मशीनों पर...

लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर चला बुलडोजर, विरोध में मशीनों पर चढ़े वकील; 211 निर्माणों पर कार्रवाई

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में जिला कोर्ट के आसपास बने वकीलों के चैंबरों और अन्य अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ।

रविवार, 25 अक्टूबर को बुलडोजर लेकर पहुंची टीम ने ध्वस्तीकरण शुरू किया तो वकीलों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

देखते ही देखते विरोध तेज हो गया और कुछ वकील बुलडोजर पर चढ़ गए, जबकि कुछ उसके पहियों के सामने लेट गए। इस दौरान कई महिला वकील भावुक होकर रोने लगीं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने में जुटे हैं।

नगर निगम की ओर से कचहरी के बगल और कैसरबाग बस डिपो के सामने सड़क, फुटपाथ, नाले और नालियों के आसपास बने कथित अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, कुल 211 निर्माणों को हटाने की योजना है। अभियान में 10 जेसीबी, 10 हाइवा, एक पोकलैंड मशीन और अन्य उपकरण लगाए गए हैं।

कार्रवाई शुरू होने के बाद वकील सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। करीब दो घंटे बाद विरोध और तेज हो गया। वकीलों ने ध्वस्तीकरण में लगे एक बुलडोजर को रोककर उस पर चढ़कर कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाने का प्रयास किया।

वकीलों का आरोप है कि उन्हें अपने चैंबरों के बदले कोई वैकल्पिक जगह नहीं दी गई। कुछ वकीलों ने यह भी दावा किया कि वे पिछले छह महीने से मानसिक तनाव झेल रहे हैं। महिला वकीलों का कहना है कि उन्होंने मेहनत से पैसे जोड़कर अपने चैंबर बनाए थे। वहीं, कुछ लोगों ने नगर निगम की ओर से वैध संपत्तियों पर भी गलत निशान लगाए जाने का आरोप लगाया। संबंधित संपत्ति मालिकों ने लाल क्रॉस के निशान मिटाकर वहां अपनी संपत्ति का विवरण चस्पा किया।

 हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई

नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, कचहरी परिसर के बाहर सड़क, फुटपाथ, नाले और नालियों पर बने अवैध निर्माणों को हटाने के लिए पहले नोटिस जारी किए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस पर आई 14 आपत्तियों का निस्तारण भी किया गया। पहले यह कार्रवाई 11 अक्टूबर को प्रस्तावित थी, लेकिन आपत्तियों के निस्तारण और अदालत में अपील लंबित होने के कारण इसे टाल दिया गया था।

जानकारी के मुताबिक, पिछले साल किए गए सर्वे में करीब 241 चैंबर चिह्नित किए गए थे। मई से अगस्त के बीच हुई कार्रवाई में 72 चैंबर तोड़े जा चुके हैं। नगर निगम का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत शेष अवैध निर्माण भी हटाए जाएंगे।

कार्रवाई के दौरान दुकानों और चैंबरों को लेकर भी विवाद सामने आया। वकीलों ने मांग की कि यदि आसपास की अन्य दुकानों पर कार्रवाई नहीं हो रही है तो उनके चैंबरों को भी न तोड़ा जाए। इसी बहस के बीच एक बुलडोजर को पीछे कर दिया गया। नगर निगम की टीम ध्वस्त किए गए निर्माणों का मलबा भी हटवा रही है।फिलहाल मौके पर विरोध और प्रशासनिक कार्रवाई जारी है।

 

 

 

 

RELATED ARTICLES

Most Popular