लखनऊ में रविवार को NEET परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक के विरोध में नेशनल स्टूडेंट्स एंड यूथस फ्रंट (NSYF) के बैनर तले छात्रों ने प्रदर्शन किया। परिवर्तन चौक पर जुटे प्रदर्शनकारी छात्रों ने कलेक्ट्रेट तक मार्च निकालने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान छात्रों ने NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने NTA को ब्लैकलिस्ट करने और एजेंसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में शामिल अनिल राज कोरी ने कहा कि बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए परीक्षा रद्द करना आसान हो सकता है, लेकिन इसका मानसिक असर छात्रों पर बेहद गंभीर होता है।
छात्रों का कहना था कि जब NTA पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा कराने में विफल रही है, तो उसे दोबारा इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की भी मांग की।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं से युवा मानसिक तनाव में हैं। उन्होंने दावा किया कि कई छात्र अवसाद का शिकार हो रहे हैं और उनका आत्मविश्वास टूटता जा रहा है। प्रदर्शन के बाद छात्रों ने पुलिस अधिकारियों को अपना ज्ञापन सौंपा।
