लखनऊ। विजयदशमी के अवसर पर लखनऊ में NSUI कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मंगलवार को यूथ कांग्रेस कार्यालय पर कार्यकर्ताओं ने रावण के पुतले पर ज्ञानेश कुमार की तस्वीर लगाकर उसका दहन किया। .
पुतले पर ‘आज का रावण’ लिखकर भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का अहंकार बढ़ गया है और वह विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अहंकार पर सत्य की जीत का प्रतीक है। इसी संदेश के तहत उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन किया।
‘ज्ञानेश कुमार में दिखती है रावण की छवि’**
NSUI सचिव आशुतोष मिश्रा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पुतला दहन कर उनके कथित अहंकार का विरोध किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चुनाव से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाते हैं, तो उन्हें उचित जवाब नहीं मिलता।
आशुतोष मिश्रा ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। इसी वजह से कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार को प्रतीकात्मक रूप से आज का रावण बताते हुए प्रदर्शन किया।
इस्तीफे की मांग, वोट चोरी का लगाया आरोप
NSUI कार्यकर्ता अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार मतदाताओं के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना चाहिए और जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक कार्यकर्ता सड़कों पर संघर्ष जारी रखेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने अलग-अलग राज्यों में 35 करोड़ से अधिक वोटों की चोरी का आरोप भी लगाया। उनका दावा है कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा। हालांकि, वोट चोरी और चुनाव आयोग के पक्षपात को लेकर लगाए गए ये आरोप प्रदर्शनकारियों के दावे हैं।
