रिपोर्ट- प्रिया बाजपेयी शुक्ला
लखनऊ। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के सदस्यों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी हजरतगंज चौराहे पर जुटे और नारेबाजी करते हुए सरकार से अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।
पंचायत सहायकों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने “आश्वासन नहीं, परिणाम चाहिए” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के पोस्टर पर “हमें हमारा अधिकार चाहिए, हम किसी से भीख नहीं मांगते” जैसे संदेश लिखे थे।
स्थायीकरण और मानदेय बढ़ाने की मांग
पंचायत सहायकों ने अपनी प्रमुख मांगों में सेवा के स्थायीकरण और मानदेय में बढ़ोतरी को शामिल किया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि वर्तमान में मिल रहे 6 हजार रुपये के मानदेय को बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।
इसके साथ ही पंचायत सहायकों ने समान काम के लिए समान वेतन लागू करने की मांग भी उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि वे पंचायत स्तर पर विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, इसलिए उनकी सेवाओं और कार्य के अनुरूप उचित मानदेय और सेवा संबंधी सुविधाएं दी जानी चाहिए।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें ईको गार्डन भेज दिया गया। पंचायत सहायकों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को शासन के सामने रखते आ रहे हैं। अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
