लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयोजित प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) परीक्षा के दौरान लखनऊ के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से चार फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। परीक्षा के बाद हुए बायोमेट्रिक, फिंगरप्रिंट और फेस आईडी सत्यापन के दौरान चारों की पहचान उजागर हो गई।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र स्थित बप्पा श्री नारायण वोकेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज में अभ्यर्थी विजय प्रताप सिंह के दस्तावेजों की जांच के दौरान आधार नंबर और बायोमेट्रिक विवरण में गड़बड़ी मिली। जांच में सामने आया कि जौनपुर निवासी राजेश प्रताप सिंह किसी अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
वहीं महानगर थाना क्षेत्र के आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, बादशाहनगर में अमरजीत सिंह के स्थान पर आजमगढ़ निवासी मनतेश सिंह परीक्षा देता पकड़ा गया। फिंगरप्रिंट और फेस आईडी का मिलान नहीं होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
नाका हिंडोला क्षेत्र स्थित डीएवी डिग्री कॉलेज, आर्यनगर में दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कॉलेज प्रशासन की संयुक्त जांच में प्रयागराज निवासी रंग बहादुर यादव को पकड़ा गया। वह अवध राज यादव के स्थान पर परीक्षा दे रहा था।
इसी तरह अमीनाबाद क्षेत्र के विद्यांत हिंदू इंटर कॉलेज, गौतमबुद्ध मार्ग में अंबेडकर नगर निवासी राम मनुज को दूसरे अभ्यर्थी जितेंद्र सिंह यादव की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। जांच के बाद उसे अमीनाबाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
चारों मामलों में संबंधित थानों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश-2024 के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े के पीछे सक्रिय नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
