लखनऊ यूनिवर्सिटी में हॉस्टल फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों का विरोध अब खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी छात्रों ने वाइस चांसलर (VC) ऑफिस का घेराव किया और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने हॉस्टल फीस में की गई भारी बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है।
मामला यूनिवर्सिटी के रणवीर सिंह हॉस्टल से जुड़ा है, जहां हॉस्टल फीस में करीब चार गुना तक बढ़ोतरी किए जाने का फैसला लिया गया है। पहले जहां छात्रों को हॉस्टल के लिए 7 हजार रुपये फीस देनी होती थी, वहीं अब यह राशि बढ़ाकर 27 हजार रुपये कर दी गई है। फीस में अचानक हुई इस बड़ी बढ़ोतरी से छात्रों में नाराजगी है।
मेंटेनेंस के नाम पर फीस बढ़ाने का छात्रों ने किया विरोध
यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से फीस बढ़ाने के पीछे हॉस्टल में किए गए मेंटेनेंस और सुविधाओं पर होने वाले खर्च को वजह बताया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि हॉस्टल के रखरखाव और जरूरी कार्यों पर खर्च हुआ है, जिसे देखते हुए फीस में संशोधन किया गया है।
हालांकि, छात्र प्रशासन के इस तर्क से संतुष्ट नहीं हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि यदि हॉस्टल के मेंटेनेंस पर इतनी बड़ी रकम खर्च की गई है तो यूनिवर्सिटी प्रशासन को इसका पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक करना चाहिए।
छात्रों ने सवाल उठाया कि आखिर मेंटेनेंस के नाम पर कितना पैसा खर्च किया गया और वह पैसा किन-किन कामों में लगाया गया? छात्रों की मांग है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन खर्च से संबंधित रसीदें और पूरा विवरण सार्वजनिक करे, ताकि फीस बढ़ोतरी के आधार को स्पष्ट किया जा सके।
VC ऑफिस के गेट पर छात्रों का प्रदर्शन
फीस बढ़ोतरी के विरोध में मंगलवार को छात्रों ने VC ऑफिस के गेट पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने फीस बढ़ाने के फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि मेंटेनेंस के नाम पर छात्रों पर अचानक हजारों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। उनका कहना है कि फीस बढ़ाने से पहले छात्रों की समस्याओं और उनकी आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे इस फैसले को आसानी से स्वीकार नहीं करेंगे और जब तक फीस बढ़ोतरी पर पुनर्विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रह सकता है।
मांगें नहीं मानी तो अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। छात्रों ने कहा है कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
छात्रों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर इसके बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे राज्यपाल कार्यालय का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
फिलहाल हॉस्टल फीस बढ़ोतरी को लेकर छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और 27 हजार रुपये की बढ़ाई गई हॉस्टल फीस के फैसले पर कोई पुनर्विचार किया जाता है या नहीं।
