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मां चंद्रिका देवी मंदिर के कपाट खुले, नवरात्रि में उमड़े श्रद्धालु; दुकानदारों को कारोबार लौटने की उम्मीद

लखनऊ। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर लखनऊ के प्रसिद्ध मां चंद्रिका देवी मंदिर में एक बार फिर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई है। गोमती नदी का जलस्तर घटने और मंदिर मार्ग से जलभराव दूर होने के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। लंबे समय तक दर्शन बाधित रहने के बाद मंदिर पहुंच रहे भक्तों में खुशी का माहौल है। वहीं, मंदिर के आसपास दुकानें लगाने वाले कारोबारियों को भी नवरात्रि के शेष दिनों में बिक्री बढ़ने की उम्मीद जगी है।

दरअसल, नवरात्रि के दौरान गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी मंदिर मार्ग तक पहुंच गया था। जलभराव के कारण श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी हो रही थी। सुरक्षा और आवागमन की स्थिति को देखते हुए मंदिर में दर्शन रोकने पड़े थे। बाद में नदी का जलस्तर घटने पर रास्ते से पानी हटाया गया और मंदिर परिसर तथा मार्ग की सफाई कराई गई। इसके बाद प्रशासन और मंदिर समिति के बीच हुई बैठक में कपाट खोलने तथा दर्शन व्यवस्था फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया।

मां कात्यायनी के दर्शन के साथ फिर खुले कपाट

मंदिर में दर्शन शुरू होने के बाद नवरात्रि के दौरान भक्त मां के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं। श्रद्धालु माता रानी को चुनरी और प्रसाद अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। बहराइच, बलिया और अन्य जिलों से भी भक्तों के पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने जलस्तर घटने और दोबारा पूजा-अर्चना का अवसर मिलने पर खुशी जताई। इंदिरा नगर, लखनऊ से आए एक श्रद्धालु ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि पानी कम होने के बाद जल्द ही मां के दर्शन हो सकेंगे। उन्होंने इसे माता रानी की कृपा बताया। कुछ अन्य श्रद्धालुओं ने भी मंदिर में दर्शन शुरू होने पर राहत जताई।

दुकानदारों को फिर से कारोबार चलने की उम्मीद

मंदिर मार्ग पर जलभराव का असर आसपास के दुकानदारों के कारोबार पर भी पड़ा था। श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद होने से प्रसाद, मिठाई, चुनरी और पूजा सामग्री बेचने वाले दुकानदारों की बिक्री प्रभावित हुई थी। मंदिर के कपाट खुलने के बाद अब दुकानों पर फिर से रौनक लौटने लगी है।

दुकानदार श्याम सुंदर राठौर ने भी पानी उतरने और दर्शन शुरू होने को माता रानी की कृपा बताया। कारोबारियों को उम्मीद है कि नवरात्रि के शेष दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से उनकी बिक्री में सुधार होगा। त्योहार के दौरान मंदिर में आने वाले भक्तों से ही इन दुकानदारों की आजीविका का बड़ा हिस्सा जुड़ा रहता है।

मंदिर समिति ने बताया, 16 अक्टूबर से शुरू हुए दर्शन

माता चंद्रिका देवी मेला विकास समिति के सदस्य राजेश कुमार सिंह चौहान के मुताबिक, 16 अक्टूबर से मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए और दर्शन शुरू हो गए। उन्होंने बताया कि इससे एक दिन पहले प्रशासन और मंदिर समिति की बैठक हुई थी। बैठक में परिस्थितियों की समीक्षा के बाद मंदिर खोलने और दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया।

मंदिर मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी व्यवस्था की गई है। बैरियर के पास वाहनों को रोककर लोगों को आगे पैदल जाने के लिए कहा जा रहा है। इससे मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते पर वाहनों की भीड़ कम करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रखने में मदद मिल रही है।

लखनऊ से करीब 30 से 35 किलोमीटर दूर है मंदिर

मां चंद्रिका देवी मंदिर लखनऊ के कठवारा क्षेत्र में गोमती नदी के तट के पास स्थित है। यह राजधानी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। लखनऊ शहर से मंदिर की दूरी करीब 30 से 35 किलोमीटर बताई जाती है। यहां सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

महाभारत काल से जुड़ी है धार्मिक मान्यता

मां चंद्रिका देवी मंदिर को श्रद्धालु प्राचीन और आस्था से जुड़े धाम के रूप में देखते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का संबंध महाभारत काल से बताया जाता है। कथाओं में महाबली भीम के पौत्र बर्बरीक द्वारा यहां मां चंद्रिका की तपस्या किए जाने का उल्लेख मिलता है। मंदिर के पास स्थित महीसागर तीर्थ का भी धार्मिक महत्व माना जाता है।

नवरात्रि के दौरान यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। जलभराव के कारण दर्शन बंद होने से जहां भक्तों को निराशा हुई थी, वहीं मंदिर के दोबारा खुलने से श्रद्धालुओं और स्थानीय कारोबारियों दोनों को राहत मिली है। अब उम्मीद की जा रही है कि नवरात्रि के शेष दिनों में मंदिर में भक्तों की आवाजाही बढ़ेगी और आसपास के कारोबार को भी गति मिलेगी।

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