महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे गंभीर असर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर देखने को मिला है, जहां खंडाला घाट के पास मिसिंग लिंक क्षेत्र में भूस्खलन के बाद यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है। इसके चलते मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराना राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों दिशाओं में बंद कर दिए गए हैं।
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे एहतियात के तौर पर दोनों मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, इस मार्ग पर यात्रा से बचें।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरी हैं, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया है। प्रशासन और राहत टीमें क्रेन और जेसीबी की मदद से मलबा हटाने में जुटी हुई हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण कार्य में बाधा आ रही है। अधिकारियों के अनुसार मार्ग खोलने में कई घंटे और लग सकते हैं, और अंतिम निर्णय सुरक्षा जांच के बाद ही लिया जाएगा।
खलापुर टोल प्लाजा के पास पातालगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से जलभराव की स्थिति भी बन गई है, जिससे यातायात बहाल करना और कठिन हो गया है।
इधर, पुणे जिले के मावल क्षेत्र में भी भारी बारिश के चलते भूस्खलन की एक और घटना सामने आई है, जिसमें एक मकान मलबे में दब गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मकान में एक परिवार के फंसे होने की आशंका है। घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए 30 सदस्यीय विशेष टीम तैनात की गई है, जो मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम सामान्य होने तक विशेष रूप से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और घाट मार्ग का उपयोग न करें।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
