नोएडा। शहर में हाल ही में सामने आए एक मामले में जांच एजेंसियों को एक 28 पेज की डायरी मिली है, जिसमें कथित तौर पर कुछ युवाओं के नेटवर्क और उनकी गतिविधियों से जुड़े अहम संकेत दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, यह डायरी गिरफ्तार आरोपी हिमांशु की बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, डायरी में 18 से 20 ऐसे नामों का जिक्र है, जो सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं और कथित रूप से सरकार विरोधी विचार व्यक्त करते हैं। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन युवाओं को संगठित तरीके से किसी नेटवर्क से जोड़ा जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि एक टीम देशभर, खासकर एनसीआर क्षेत्र में, ऐसे युवाओं की पहचान कर रही थी, जबकि दूसरी टीम उनसे संपर्क कर उन्हें अपने संगठन की विचारधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही थी। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इन युवाओं को भविष्य में ‘स्लीपर सेल’ की तरह इस्तेमाल करने की योजना थी।
पुलिस का कहना है कि डायरी में दर्ज जानकारी के आधार पर आगे की जांच की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल हो रही है।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि हिंसा में शामिल आरोपितों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही संगठित अपराध और अन्य संभावित पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपी शिक्षित पृष्ठभूमि से बताए जा रहे हैं। इनमें इंजीनियर, शोधार्थी, कलाकार और पूर्व पत्रकार तक शामिल हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इनकी आपसी कड़ियां कैसे जुड़ी हुई थीं और इनकी गतिविधियों का दायरा कितना व्यापक था।
फिलहाल, पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां डायरी में दर्ज तथ्यों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
