लखनऊ: बिजली विभाग द्वारा बिना पूर्व सूचना उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाए जाने को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग केवल एक एसएमएस भेजकर लोड बढ़ा रहा है, जबकि इसके लिए पहले नोटिस और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
उपभोक्ताओं का कहना है कि प्रीपेड मीटर व्यवस्था बंद होने के बाद उन्हें कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब विभाग की नई कार्रवाई से उनकी परेशानी फिर बढ़ गई है। उनका आरोप है कि एक या दो माह बिजली की अधिक डिमांड आने पर ही लोड बढ़ाया जा रहा है, जबकि नियम के अनुसार लगातार तीन माह तक अधिक खपत होने के बाद ही ऐसी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उपभोक्ताओं ने अलीगंज अग्निकांड का उदाहरण देते हुए कहा कि उस मामले में 20 किलोवाट के कनेक्शन की डिमांड तीसरे माह 34 किलोवाट पहुंचने के बाद भी पहले पेनाल्टी लगाई गई थी और बाद में लोड बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसके विपरीत सामान्य उपभोक्ताओं के मामलों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
शकुंतला नामक उपभोक्ता ने बताया कि उनके पांच किलोवाट के कनेक्शन की डिमांड कई महीनों तक निर्धारित सीमा के भीतर रही। हालांकि, एक बिलिंग अवधि में 6.55 किलोवाट डिमांड दर्ज होने के बाद विभाग ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनका लोड एक किलोवाट बढ़ा दिया। इसी तरह कई अन्य उपभोक्ताओं ने भी ऐसी शिकायतें की हैं।
उपभोक्ताओं का दावा है कि शुक्रवार शाम हजारों बिजली कनेक्शनों का लोड एक साथ बढ़ा दिया गया। उन्होंने बिजली विभाग से मांग की है कि भविष्य में किसी भी उपभोक्ता का लोड बढ़ाने से पहले नोटिस जारी किया जाए और नियमानुसार ही कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।
