न्यूज डेस्क, लखनऊ
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चाय की दुकानों पर दलितों के लिए अलग गिलास रखे जाने वाले बयान पर राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को दलितों का अपमान बताते हुए कहा कि चाय की दुकानों पर दलितों और सवर्णों के लिए अलग-अलग गिलास रखने की बात सरासर झूठ और बे-सिर-पैर का फर्जी नैरेटिव है।
बृजलाल ने कहा कि आज स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए मिट्टी के कुल्हड़ और कागज के गिलास का इस्तेमाल बढ़ा है, जिन्हें एक बार प्रयोग के बाद फेंक दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस मुद्दे के जरिए समाज में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
‘नामदार’ कामगारों के बारे में कैसे सोच सकते हैं
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगरों और कामगार जातियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की। इसके विपरीत कांग्रेस ने 60 वर्ष से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कामगार और वंचित वर्गों के हित में पर्याप्त काम नहीं किया।
उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग खुद को ‘नामदार’ मानते हैं, वे कामगारों के बारे में कैसे सोच सकते हैं।
‘दलितों का अपमान कांग्रेस की खानदानी परंपरा’
बृजलाल ने कहा कि राहुल गांधी के चाय के गिलास वाले बयान से दलित समाज की गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने कांग्रेस और गांधी परिवार पर दलितों के प्रति उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि दलितों का अपमान करना कांग्रेस की खानदानी परंपरा रही है।
उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल से जुड़े राजनीतिक प्रसंगों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 1946 में संविधान सभा के चुनाव में कांग्रेस ने बाबा साहब को हराने के लिए पूरी ताकत लगा दी थी।
‘मोहब्बत की दुकान में जहर बेच रहे राहुल गांधी’
बृजलाल ने राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि वह अपनी ‘मोहब्बत की दुकान’ में जहर बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा होती है। राहुल गांधी को पहले देश के दलित समाज की गरिमा और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझना चाहिए।
