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रामलीला में सीता खोज और लंका दहन का मंचन, अखिलेश यादव ने किया उद्घाटन

ऐरवा कटरा, औरैया। ऐरवा टीकुर में आयोजित 130वें आदर्श रामलीला महोत्सव में राम-विभीषण मित्रता, सीता खोज और लंका दहन की लीला का भव्य मंचन किया गया।

इस दौरान कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पंचायत सदस्य अखिलेश यादव (कल्लू) ने फीता काटकर किया। रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने उनका पटका पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। साथ ही भगवान श्रीराम का चित्र भेंट कर सम्मानित किया।

रामलीला के मंचन में दिखाया गया कि माता सीता की खोज करते हुए हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुंचते हैं। वहां अशोक वाटिका में माता सीता को देखकर वह उन्हें भगवान श्रीराम का संदेश देते हैं। इस दौरान माता सीता भावुक हो जाती हैं और अपनी पहचान के प्रमाण के रूप में हनुमान जी को अपना कंगन सौंपती हैं, ताकि वह इसे भगवान श्रीराम को दिखाकर उन्हें विश्वास दिला सकें।

इसके बाद हनुमान जी लंका में रावण की सेना को चुनौती देते हैं। रावण के दरबार में हनुमान जी की वीरता और साहस का प्रसंग दिखाया गया। अंत में लंका दहन की लीला का मंचन हुआ। इस दौरान पूरा रामलीला परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ लीला का आनंद लिया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य अखिलेश यादव ने कहा कि रामलीला का आयोजन भले ही वर्ष में एक बार होता है, लेकिन इससे मिलने वाली सीख जीवनभर काम आती है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और आदर्शों का प्रतीक है। रामलीला समाज में संस्कारों को मजबूत करने और नई पीढ़ी तक भारतीय संस्कृति व परंपराओं को पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इस अवसर पर रामलीला समिति के प्रबंधक इंद्रप्रकाश तिवारी, अध्यक्ष एवं प्रधान सरमन सिंह, उपाध्यक्ष रानू पालीवाल, पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव, गंभीर यादव, बादाम सिंह यादव, अरुण कुशवाह, मोहित कुशवाह, गौरव गुप्ता, पदम नारायण तिवारी, चंद्रशेखर गुप्ता, मनोज शर्मा, वीनू सक्सेना, कपिल गौतम, ब्रिगेडियर तिवारी, विकास चक्रवर्ती, हिटलर सहित समिति के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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