अयोध्या के राम मंदिर में दान से जुड़े कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी (SIT) की टीम सोमवार दोपहर मंदिर परिसर पहुंची। करीब 2:53 बजे पहुंचने के बाद टीम ने पहले दर्शन-पूजन किया और फिर औपचारिक जांच शुरू की।
एसआईटी ने सबसे पहले मंदिर के दानपात्रों का निरीक्षण किया और उसमें आने वाली धनराशि, उसकी गिनती प्रक्रिया और सुरक्षित रख-रखाव की व्यवस्था की जानकारी ली। इसके अलावा दान से जुड़े बैंक लेनदेन, लेखा-जोखा और सीसीटीवी सिस्टम की भी जांच की गई। टीम ने कुछ फुटेज भी अपने कब्जे में लिए हैं।
जांच के दौरान कर्मचारियों से पूछताछ की गई और मंदिर निर्माण व दान प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक के घटनाक्रम की जानकारी ली।
प्रारंभिक जांच में पांच कर्मचारियों पर संदेह जताया जा रहा है, जिनमें दान गिनती और आभूषणों की गणना से जुड़े कर्मी शामिल हैं। कथित तौर पर कुछ कर्मचारियों की संपत्ति और जीवनशैली में अचानक बदलाव को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
मामला तब सामने आया जब पूर्व लेखा अधिकारी ने दान में करीब 7 करोड़ रुपये की अनियमितताओं और सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने का आरोप लगाया था। इसके बाद राज्य सरकार ने एसआईटी जांच का आदेश दिया।
