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लखनऊ में होगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर समिट, 2 से 4 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘राइज़ यूपी’

उत्तर प्रदेश को हरित अवसंरचना और निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राजधानी लखनऊ में 2 से 4 अक्टूबर 2026 तक ‘राइज़ यूपी’ (Rise UP) रियल एस्टेट एवं इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। शहीद पथ स्थित अवध शिल्प ग्राम में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय कार्यक्रम को उत्तर भारत का अब तक का सबसे बड़ा रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपो बताया जा रहा है।

कार्यक्रम के कर्टेन रेज़र समारोह का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है और राज्य तेज़, समावेशी तथा सतत विकास के मॉडल पर आगे बढ़ रहा है।

आयोजकों के अनुसार समिट में 10 हजार से अधिक आगंतुकों और 150 से अधिक प्रदर्शकों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में रियल एस्टेट डेवलपर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां, ग्रीन टेक्नोलॉजी प्रदाता, निवेशक और नीति-निर्माता एक मंच पर जुटेंगे। इसका उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना, नई साझेदारियां विकसित करना और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है।

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि एक्सप्रेसवे, स्मार्ट टाउनशिप और सोलर ऊर्जा परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल की पहचान बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिसमें ग्रीन और ऊर्जा-कुशल इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

कार्यक्रम का संचालन करने वाली संस्था Regal Nexus के साझेदार एवं एके प्रॉपर्टी सॉल्यूशंस ऐप के सीएमडी Himanshu Kushwaha ने कहा कि रियल एस्टेट का भविष्य केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि स्मार्ट और सतत विकास पर आधारित है। राइज़ यूपी को एक ऐसे मंच के रूप में विकसित किया गया है, जो डेवलपर्स, निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को जोड़कर ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देगा।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत का रियल एस्टेट बाजार वर्ष 2025 में लगभग 45 लाख करोड़ रुपये का है, जो 2032 तक बढ़कर 100 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के भी 2031 तक 250 लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में उत्तर प्रदेश निवेश और विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।

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