संतकबीरनगर: ब्रिटेन की नागरिकता हासिल करने के बाद भी उत्तर प्रदेश में मदरसा शिक्षक के पद से वेतन और बाद में पेंशन लेने के मामले में संतकबीरनगर निवासी शमशुल हुदा खान जांच के घेरे में हैं। यूपी एटीएस की जांच के आधार पर उनके खिलाफ संतकबीरनगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। हालिया कार्रवाई में प्रवर्तन निदेशालय ने भी उनके नाम दर्ज करीब 53.46 लाख रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की है।
2013 में हासिल की ब्रिटिश नागरिकता
जांच के अनुसार, शमशुल हुदा खान की नियुक्ति 12 जुलाई 1984 को आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित अनुदानित मदरसे में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। बताया गया है कि वह वर्ष 2007 से ब्रिटेन में रह रहे थे। इसके बाद 19 दिसंबर 2013 को उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता हासिल की।
आरोप है कि ब्रिटिश नागरिकता हासिल करने के बाद भी उनकी सेवा संबंधी स्थिति का विभागीय स्तर पर उचित सत्यापन नहीं हुआ और वर्ष 2007 से 2017 के बीच उन्हें वेतन वृद्धि मिलती रही। वर्ष 2017 में उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी गई और इसके बाद पेंशन भी स्वीकृत कर दी गई।
एटीएस ने की संदिग्ध गतिविधियों की जांच
एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, शमशुल हुदा के विदेश यात्राओं, पाकिस्तान में संपर्कों और भारत में संदिग्ध लोगों से संपर्क सहित अन्य गतिविधियों की जांच यूपी एटीएस ने की थी।
जांच में विदेशों से कथित तौर पर धन जुटाने और उसे विभिन्न माध्यमों से मदरसों तक पहुंचाने से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की गई। मामले में पहले भी संतकबीरनगर और आजमगढ़ में मुकदमे दर्ज होने और उनमें आरोप पत्र दाखिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
मदरसा सील, दो दिन पहले दर्ज हुआ मुकदमा
एटीएस की जांच के आधार पर संतकबीरनगर के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की तहरीर पर शमशुल हुदा खान के खिलाफ कोतवाली खलीलाबाद में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके साथ ही उनसे जुड़े मदरसे को सील किए जाने की कार्रवाई भी हुई।
इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर विभागीय रिकॉर्ड और वेतन-पेंशन से जुड़े भुगतान की भी जांच की जा रही है। अक्टूबर 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, आजमगढ़ मंडल स्तर पर एक तीन सदस्यीय टीम को पिछले 10 वर्षों के विभागीय रिकॉर्ड की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
ईडी ने 53.46 लाख की संपत्ति की कुर्क
मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई भी सामने आई है। ईडी ने पीएमएलए के तहत संतकबीरनगर के खलीलाबाद में शमशुल हुदा खान के नाम दर्ज एक आवासीय भूखंड को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इसकी कीमत करीब 53.46 लाख रुपये बताई गई है।
ईडी के अनुसार, जांच में सरकारी वेतन, पेंशन और जीपीएफ के रूप में प्राप्त रकम से संबंधित वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की गई। एजेंसी का कहना है कि संबंधित रकम अपराध से अर्जित आय से जुड़ी थी, जिसके आधार पर समतुल्य मूल्य की संपत्ति कुर्क की गई। मामले की जांच जारी है।
