सिद्धार्थनगर। जिले में खाद की कालाबाजारी और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने के आरोपों को लेकर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन और फुटकर उर्वरक विक्रेता संगठन ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला कृषि अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा और मामले में कार्रवाई की मांग की।
किसान नेताओं और उर्वरक विक्रेताओं का आरोप है कि थोक विक्रेताओं की ओर से फुटकर दुकानदारों को यूरिया निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही यूरिया की आपूर्ति के लिए जिंक या अमोनियम सल्फेट जैसी अतिरिक्त सामग्री खरीदने का दबाव भी बनाया जा रहा है। इससे किसानों को जरूरत नहीं होने के बावजूद अतिरिक्त सामग्री खरीदनी पड़ रही है।
उर्वरक विक्रेता संघ के अध्यक्ष आदर्श श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि फुटकर विक्रेता जिला कृषि अधिकारी की कार्यशैली से परेशान हैं। उनका कहना है कि कथित तौर पर थोक विक्रेता अधिक कीमत वसूलने के साथ अन्य उर्वरकों की खरीद के लिए भी दबाव बनाते हैं। उन्होंने कहा कि किसान जरूरत के मुताबिक खाद खरीदना चाहते हैं, लेकिन अतिरिक्त सामग्री लेने की बाध्यता से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय किसान यूनियन एवं फुटकर उर्वरक विक्रेता संगठन के जिलाध्यक्ष नीरज कुमार ने भी निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर यूरिया उपलब्ध कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की गई है।
वहीं, जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पाण्डेय ने विक्रेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि शासन के नियमों के अनुसार ही फुटकर विक्रेताओं को उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है।
फिलहाल, प्रदर्शनकारियों ने मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
