लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) का आंदोलन लगातार 24वें दिन भी जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहे सीएचओ अब सरकार से ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। इसी क्रम में सीएचओ प्रतिनिधियों ने जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे स्वास्थ्य अधिकारियों ने सरकार से जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की है।
सीएचओ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, कैडर का गठन, वेतन विसंगतियों का समाधान, पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करना और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा संगठन विभिन्न सेवा लाभों को भी लागू करने की मांग कर रहा है। सीएचओ का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपनी सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय से संघर्ष करना पड़ रहा है।
संगठन के अनुसार, उनकी मांगें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की गाइडलाइन के अनुरूप हैं। इसके बावजूद कई मुद्दों पर अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी को लेकर प्रदेशभर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी आंदोलन कर रहे हैं। संगठन का कहना है कि नियमितीकरण और कैडर गठन जैसी मांगों पर स्पष्ट नीति बनने से सीएचओ को सेवा संबंधी अनिश्चितताओं से राहत मिलेगी। वहीं, वेतन विसंगतियों का समाधान होने से कर्मचारियों को आर्थिक स्तर पर भी राहत मिलने की उम्मीद है।
सीएचओ की मांगों में स्थानांतरण नीति का मुद्दा भी प्रमुखता से शामिल है। संगठन चाहता है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी हो, ताकि अधिकारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही कैशलेस चिकित्सा सुविधा और अन्य सेवा लाभ उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई जा रही है। संगठन का कहना है कि इन सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है।
आंदोलन के 24 दिन पूरे होने के बीच मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। सीएचओ को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के समक्ष समस्याएं रखे जाने के बाद संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जाएगी और लंबे समय से लंबित मुद्दों पर कोई सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।
हालांकि, ज्ञापन सौंपे जाने के बाद भी सीएचओ की मांगों पर सरकार की ओर से किसी ठोस निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में आंदोलनरत स्वास्थ्य अधिकारियों की नजर अब सरकार के अगले कदम पर टिकी है। संगठन ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब देखना होगा कि 24 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के बाद सरकार सीएचओ की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और नियमितीकरण, कैडर गठन, वेतन विसंगतियों तथा अन्य सेवा संबंधी मुद्दों के समाधान की दिशा में कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं।
