लखनऊ/गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में बुधवार को दिव्यांगजनों और महिलाओं की सुविधा से जुड़ी दो अहम पहल शुरू हुईं। यूपीएसआरटीसी ने दिव्यांग यात्रियों के लिए क्यूआर कोड के जरिए निशुल्क टिकट की डिजिटल व्यवस्था शुरू की, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में नवनिर्मित राजकीय महिला शरणालय भवन का लोकार्पण किया।
यूपीएसआरटीसी की अपडेटेड ईटीआईएम मशीनों में अब दिव्यांगजन पहचान पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड स्कैन कर निशुल्क टिकट जारी किया जा सकेगा। 80 प्रतिशत से कम दिव्यांगता पर एक और 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता पर दो निशुल्क टिकट जारी होंगे। दो टिकट की स्थिति में सहयात्री को भी नियमानुसार निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। टिकट का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज होगा। क्यूआर कोड स्कैन न होने पर पुरानी व्यवस्था के तहत यात्रा की सुविधा जारी रहेगी।
इस व्यवस्था के तहत पहला शून्य मूल्य का टिकट आलमबाग बस डिपो से गौरी बाजार के लिए जारी किया गया। फिलहाल यह सुविधा नॉन एसी साधारण बसों में लागू की गई है।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के चरगांवा में करीब 8.05 करोड़ रुपये की लागत से बने राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण किया। 100 महिलाओं की क्षमता वाले इस भवन में घरेलू हिंसा से पीड़ित, निराश्रित और परिवार से अलग हुई महिलाओं को आश्रय मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मिशन रोजगार के तहत साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने शरणालय का निरीक्षण किया और अधिकारियों को वहां रहने वाली महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का भी निरीक्षण किया।
