उत्तर प्रदेश में कभी व्यापारियों और आम लोगों के बीच फिरौती के लिए अपहरण का डर आम बात हुआ करता था। लेकिन योगी सरकार में अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान और सख्त कानून व्यवस्था का असर अब आंकड़ों में भी साफ दिखाई दे रहा है।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। खास बात यह है कि वर्ष 2023 में भी इस श्रेणी में प्रदेश की अपराध दर शून्य रही थी।
सरकार का कहना है कि यह बदलाव अपराध और अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, सक्रिय पुलिसिंग और संगठित अपराधों पर लगातार कार्रवाई का परिणाम है। पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती और अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने जैसी रणनीतियों ने अपराध जगत पर बड़ा असर डाला है।
एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक जहां नगालैंड में इस अपराध की दर 0.7, मणिपुर में 0.6 और अरुणाचल प्रदेश में 0.3 दर्ज की गई, वहीं उत्तर प्रदेश का आंकड़ा शून्य रहा। इसे प्रदेश की कानून व्यवस्था में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
