उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण विकास और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में पंचायती राज विभाग के लिए 241.31 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इस बजट के जरिए पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पंचायत उत्सव भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए अनुपूरक बजट में 109.98 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को केवल प्रशासनिक इकाई तक सीमित न रखकर उन्हें सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाना है। इन भवनों में पंचायत बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सामाजिक आयोजनों और सरकारी योजनाओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
गांव में ही मिलेंगी आधार से जुड़ी सभी सेवाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए सरकार ने सभी ग्राम सचिवालयों में आधार सेवा केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए अनुपूरक बजट में 70 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीणों को आधार कार्ड बनवाने, अपडेट कराने या अन्य आधार संबंधी सेवाओं के लिए शहरों और तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकांश सेवाएं अब गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना को मिला बल
सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना के लिए भी 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना के तहत ग्राम पंचायतों में सौर ऊर्जा आधारित सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक परिसरों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर बिजली पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे बिजली खर्च में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार का मानना है कि पंचायतों को मजबूत किए बिना ग्रामीण विकास की कल्पना संभव नहीं है। पंचायत उत्सव भवन, ग्राम सचिवालयों में डिजिटल सेवाएं और सौर ऊर्जा जैसी योजनाएं गांवों में बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं को मजबूत करेंगी। साथ ही ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं के लिए शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
अनुपूरक बजट में किए गए इन प्रावधानों से प्रदेश की पंचायतों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और ग्रामीण विकास की योजनाओं को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य पंचायतों को आत्मनिर्भर, तकनीक-सक्षम और जनभागीदारी का मजबूत केंद्र बनाना है।
